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	<title>radmin &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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		<title>कांग्रेसियों को क्या हो गया?</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63155</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[radmin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 16:39:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[गैरसैंण(मुरारी सिंह पहाड़ी):&#160;निष्क्रियता की भी हद होती है। उत्तराखंड की कांग्रेस पार्टी इसकी जीती जागती मिसाल है। आज से गैरसैंण में विधान सभा का बजट सत्र शुरू हुआ। कांग्रेस वाले रातभर योजना बनाते रहे। सुबह मुरझाए हुए सदन में आए। महामहिम राज्यपाल का अभिभाषण शुरू हुआ। आधे घंटे सुनते रहे। फिर अचानक से उन्होंने एक &#8230;]]></description>
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<p><strong>गैरसैंण(मुरारी सिंह पहाड़ी):&nbsp;</strong>निष्क्रियता की भी हद होती है। उत्तराखंड की कांग्रेस पार्टी इसकी जीती जागती मिसाल है। आज से गैरसैंण में विधान सभा का बजट सत्र शुरू हुआ। कांग्रेस वाले रातभर योजना बनाते रहे। सुबह मुरझाए हुए सदन में आए। महामहिम राज्यपाल का अभिभाषण शुरू हुआ। आधे घंटे सुनते रहे। फिर अचानक से उन्होंने एक दूसरे को इशारा किया। फिर नारे लगाते हुए बाहर लॉबी में बैठ गए। नारे भी मरियल सी आवाज में। दो चार ने हाथ में तख्तियां भी ले रखी थी कि ऐसा राज्यपाल नहीं चलेगा, रट्टू तोता नहीं चलेगा। नारे बोलते हुए उनके चेहरों पर न कोई जोश, न आक्रोश। पता नहीं क्या हो गया इन कांग्रेसियों को? ऐसा भी नहीं कि बाहर आकर कोई विरोध कर रहे हों। लॉबी में सोफों में धंस गए और चाय बिस्किट खाने लगे। हा हू करने लगे। राज्यपाल ने डेढ़ घंटे का भाषण दिया, जिसे कांग्रेसी विधायकों ने टीवी पर आराम से देखा। चलो टीवी के सामने ही विरोध करते, वो भी नहीं हुआ।</p>



<figure class="wp-block-image"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/03/HC9EycDaEAA1O11.jpg"><img decoding="async" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/03/HC9EycDaEAA1O11-1024x607.jpg" alt="" class="wp-image-878245"/></a></figure>



<p>उसके बाद दो बजे विधानसभा अध्यक्ष ने वही भाषण कुछ देर तक पढ़ा और सदन तीन बजे तक स्थगित हो गया। तीन बजे मुख्यमंत्री ने बजट सदन के पटल पर रखा। वे पूरी तैयारी के साथ सदन में आए और उन्होंने अपना बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। सोचा कि अब तो विपक्ष अपना कुछ जलवा दिखाएगा। लेकिन उनकी मूर्खता देखिए कि वे सदन में आए ही नहीं। दो तीन निर्दलीय विधायकों को छोड़ कर बाकी कहीं गायब हो गए। वे मीडिया सेंटर में चले गए। उन्हें आशा थी कि पत्रकार उनकी बाइट लेंगे। लेकिन एक दो को छोड़ कर किसी को यह सौभाग्य भी नहीं मिला। भई, आप विरोध ही करना चाहते थे तो सदन के भीतर आते। बजट भाषण सुनते। यदि कोई बात अच्छी नहीं लगती तो विरोध करते। आम तौर पर यही परिपाटी रही है। संसद में भी ऐसा ही होता है।</p>



<figure class="wp-block-image"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/03/HC9ExSfasAA7Q2Z.jpg"><img decoding="async" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/03/HC9ExSfasAA7Q2Z-1024x744.jpg" alt="" class="wp-image-878246"/></a></figure>



<p>वित्त मंत्री भाषण पढ़ता रहता है, बीच बीच में विपक्ष विरोध भी करता रहता है। इससे एक जागरूक विपक्ष की उपस्थिति का एहसास होता रहता है। लेकिन यहां तो विपक्ष पूरी तरह से नदारद ही रहा। आप सोचिए, इसका क्या संदेश जाएगा? क्या लोग ऐसा करने के लिए कांग्रेसियों की पीठ थपथपाएंगे? क्या जनता को यह नहीं लगेगा कि जिन्हें हमने चुन कर विधानसभा में भेजा, वे वहां जाकर क्या कर रहे हैं? यह जानना उनका अधिकार है कि उनके नुमाइंदों ने सरकार को उनके गलत कदमों पर टोका या नहीं? जब वे लाइव प्रसारण पर अपने नुमाइंदों को सदन से ही नदारद देखेंगे तो वे क्या सोचेंगे? कांग्रेसियों को कुछ तो सोचना चाहिए। वे तो अभी से हतोत्साह की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं।</p>
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		<title>घायल हाथी की पीड़ा पर संवेदनहीनता भारी, तट पर तड़पता रहा, मदद के लिए लगाता रहा गुहार</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/62529</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[radmin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 08:21:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[राजाजी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले कर्मियों की संवेदनहीनता का मार्मिक दृश्य सोमवार को सामने आया। यह तब हुआ जब गंगा नदी के तट पर एक गंभीर रूप से घायल हाथी पूरे दिन दर्द से कराहता खड़ा रहा, लेकिन जिम्मेदार तंत्र तमाशबीन बना रहा। सुबह तड़के ग्रामीणों ने गौहरीमाफी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राजाजी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले कर्मियों की संवेदनहीनता का मार्मिक दृश्य सोमवार को सामने आया। यह तब हुआ जब गंगा नदी के तट पर एक गंभीर रूप से घायल हाथी पूरे दिन दर्द से कराहता खड़ा रहा, लेकिन जिम्मेदार तंत्र तमाशबीन बना रहा।</p>



<p>सुबह तड़के ग्रामीणों ने गौहरीमाफी क्षेत्र में बिरला मंदिर के समीप नदी किनारे हाथी को देखा। उसके एक पैर में गहरी चोट थी, जिससे वह पैर घसीटते हुए मुश्किल से चल पा रहा था। चलते समय कई बार उसका संतुलन बिगड़ा और वह गिरते-गिरते बचा। ग्रामीणों ने उसकी हालत देखकर चिंता जताई और वन विभाग को भी सूचना दी। इस दौरान ग्रामीणों ने हाथी का वीडियो भी बनाया।</p>



<p><strong>रेस्क्यू की पहल नहीं हुई</strong><br>सबसे चिंताजनक तस्वीर तब सामने आई जब पता चला कि दोनों ओर तैनात वनकर्मी हाथी की मदद करने के बजाय उसे अपनी-अपनी सीमा में आने से रोकते रहे। जैसे ही घायल हाथी किसी एक ओर बढ़ता, उसे खदेड़ दिया जाता। इस खींचतान में पूरा दिन गुजर गया और दर्द से कराहता हाथी नदी तट पर ही खड़ा रहा।</p>



<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी कई बार चिंघाड़ते हुए गुस्सा और पीड़ा जताता दिखा, मानो मदद की गुहार लगा रहा हो लेकिन किसी भी स्तर पर उसके उपचार या रेस्क्यू की पहल नहीं हुई। आश्चर्यजनक बात यह भी रही कि इतने गंभीर मामले की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की जरूरत तक नहीं समझी गई।</p>



<p>इस हाथी की करीब एक सप्ताह से मॉनीटरिंग की जा रही है, जिससे यह आबादी क्षेत्र में प्रवेश न करे। हाथी के उपचार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह के हाथी राजाजी पार्क क्षेत्र में अक्सर मिलते हैं।&nbsp;<em><strong>&#8211; कोको रोशे, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व।</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>यूपी: ऑपरेशन सिंदूर से चर्चाओं में आई एंटी ड्रोन गन ‘द्रोणम&#8217; का निर्माण अब झांसी में</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/62526</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[radmin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 08:07:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी तकनीकी कुशलता साबित करने वाले काउंटर ड्रोन &#8221;द्रोणम&#8221; का निर्माण झांसी डिफेंस कॉरिडोर में होगा। ब्लैक गन के नाम से चर्चित इस ड्रोन को हाल में गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल किया गया था और इसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया था। पहले चरण में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी तकनीकी कुशलता साबित करने वाले काउंटर ड्रोन &#8221;द्रोणम&#8221; का निर्माण झांसी डिफेंस कॉरिडोर में होगा। ब्लैक गन के नाम से चर्चित इस ड्रोन को हाल में गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल किया गया था और इसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया था। पहले चरण में लगभग 150 करोड़ रुपए का निवेश के साथ संयंत्र की शुरुआत की जाएगी।</p>



<p>उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ने वर्ष 2026 की शुरुआत में दो रक्षा विनिर्माण कंपनियों को जमीन आवंटित की है। इस पहल से प्रदेश में रक्षा उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। कॉरिडोर के झांसी नोड में गुरुत्व सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। कंपनी काउंटर-ड्रोन के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। इसके द्वारा विकसित ‘द्रोणम’ प्रणाली का प्रदर्शन हाल ही में गणतंत्र दिवस परेड में किया गया था। कंपनी की तकनीक का परीक्षण ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान भी हुआ, जिसके लिए उसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया। इस परियोजना में कंपनी 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी तथा लगभग 380 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगी।</p>



<p>दूसरा आवंटन नेक्सा मुंबई को लखनऊ नोड में 0.5 हेक्टेयर भूमि के रूप में किया गया है। यह कंपनी एविएशन और रक्षा प्रणालियों के कैलिब्रेशन के लिए कंट्रोल पैनल, टेस्ट रिग्स एवं टेस्ट बेंच बनाती है। कंपनी पांच करोड़ का निवेश कर लगभग 60 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-1">दुश्मन का हमला बेअसर करती है द्रोणम</h3>



<p>द्रोणम में ऐसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो दुश्मन ड्रोन को कबाड़ बना देता है। यह प्रणाली 1 से 8 किलोमीटर की दूरी तक के ड्रोन को पहचानने और उन्हें जाम करके निष्क्रिय करने में सक्षम है। यानी ये दुश्मन ड्रोन के हार्डवेयर को बेकार कर देती है। इसके जरिए ड्रोन उड़ने या नियंत्रित होने में सक्षम नहीं रहता और गिर जाता है। द्रोणम को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।<br><br>राइफल की तरह हाथ में पकड़कर इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-ड्रोन गन है। इसे बैगपैक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। पीठ पर पहनकर फील्ड ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा किसी वाहन या स्थायी जगह पर लगाया जा सकता है, जो चारों दिशाओं में निगरानी करता है।<br><br>इसी वजह से द्रोणम को सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में आसानी से तैनात किया जा सकता है। इसने वर्ष 2024 में 260 से ज्यादा ड्रोन नष्ट किए गए। इन ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स भेजे जा रहे थे। पंजाब सीमा पर द्रोणम की मदद से ड्रोन घुसपैठ को निष्क्रिय करने की दर 3% से बढ़कर 55% तक पहुँच गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>1 अप्रैल से बदलेंगे आयकर के नियम: व्यापारियों को बड़ी राहत, टैक्स सिस्टम होगा आसान</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/62523</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[radmin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 07:58:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[व्यापारियों और करदाताओं के लिए आने वाले नए आयकर नियम राहत लेकर आएंगे। वित्त बजट 2026 में सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम न केवल पुराने जटिल नियमों को खत्म करेगा, बल्कि करदाताओं के अनुकूल माहौल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>व्यापारियों और करदाताओं के लिए आने वाले नए आयकर नियम राहत लेकर आएंगे। वित्त बजट 2026 में सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम न केवल पुराने जटिल नियमों को खत्म करेगा, बल्कि करदाताओं के अनुकूल माहौल भी तैयार करेगा। इससे व्यापार की राह आसान होगी।</p>



<p>ये विचार सोमवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की फाइनेंस बजट-2026 सेमिनार में विशेषज्ञों ने व्यक्त किए। सेमिनार का शुभारंभ चेयरमैन सेंटर रीजन अंकुर गुप्ता और शाखा अध्यक्ष सीए गौरव सिंघल ने किया।<br>मुख्य वक्ता सीए विनोद गुप्ता ने बताया कि नए आयकर अधिनियम का मूल उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना और ईमानदार करदाताओं को सहूलियत देना है। अनिर्धारित आय पर कर की दर को घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। टीडीएस और टीसीएस से जुड़े प्रावधानों को पहले से अधिक लचीला बनाया गया है। दंड के प्रावधानों में नरमी बरती गई है।</p>



<p><strong>फर्जी बिलिंग पर लगेगा अंकुश</strong><br>सीए निखिल गुप्ता ने जीएसटी संशोधनों पर कहा कि रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया सरल होने से छोटे और मझोले व्यापारियों का बोझ कम होगा। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के नियमों में स्पष्टता से कानूनी विवाद खत्म होंगे। रिफंड प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज होगी। जिसका सीधा लाभ निर्यातकों को मिलेगा। ई-इनवॉयसिंग को मजबूत कर फर्जी बिलिंग पर लगाम कसी जाएगी।</p>



<p><strong>शिव-पार्वती की झांकी ने मोहा मन</strong><br>सेमिनार के बाद आगरा शाखा का वार्षिक उत्सव मनाया गया। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव-पार्वती की आध्यात्मिक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। सीए सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम के अंत में सहयोगी सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीए सौरभ नारायण सक्सेना, करन पंजवानी, आयुष गोयल, सचिन बुबना, साक्षी जैन, अजय जैन, विजय भार्गव सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बांग्लादेश में आज तारिक रहमान लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/62520</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[radmin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 07:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[बांग्लादेश के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान मंगलवार को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सत्ता में वापसी हो जाएगी। पहली बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे 60 वर्षीय रहमान पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बांग्लादेश के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान मंगलवार को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सत्ता में वापसी हो जाएगी।</p>



<p>पहली बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे 60 वर्षीय रहमान पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अंतरिम शासन का अंत</h2>



<p>छात्र आंदोलन के चलते पांच अगस्त, 2024 को शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार के अपदस्थ होने के बाद गुरुवार को पहला आम चुनाव कराया गया था, जिसमें बीएनपी को दो तिहाई सीटों पर जीत मिली। नई सरकार के गठन के साथ ही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के करीब 18 महीने के शासन का अंत हो जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शाम चार बजे होगा शपथ</h2>



<p>सरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने सोमवार को संसद सचिवालय सचिव कनीज मौला के हवाले से बताया,&nbsp;&#8216;संसद परिसर के साउथ प्लाजा में मंगलवार शाम चार बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।&nbsp;राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन नई कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले सुबह दस बजे नवनिर्वाचित संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी।&#8217;</p>



<p>इधर, बीएनपी ने संसद भवन में सुबह साढ़े 11 बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई है, जिसमें नेता का चुनाव किया जाएगा। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहउद्दीन अहमद ने कहा, &#8216;बहुमत वाले दल के नेता के तौर पर हमारी पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे।&#8217;</p>



<h2 class="wp-block-heading">खालिद जिया के निधन के बाद संभाली बीएनपी की कमान</h2>



<p>गत 30 दिसंबर को अपनी मां खालिदा के निधन के बाद रहमान ने पार्टी की बागडोर संभाली थी। वह करीब 18 साल बाद गत दिसंबर में ही लंदन से स्वदेश लौटे थे। जबकि अंतिम बार बीएनपी 2001 से 2006 तक सत्ता में रही थी, तब खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे ओम बिरला</h2>



<p>शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी उनके साथ ढाका जाने की संभावना है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दो हिंदुओं समेत चार अल्पसंख्यक भी संसद पहुंचे</h2>



<p>आम चुनाव में जीतकर दो हिंदुओं समेत चार अल्पसंख्यक भी संसद पहुंचे हैं। ये सभी बीएनपी के टिकट पर चुनाव जीते हैं। गायेश्वर चंद्र राय ने ढाका की सीट से जीत हासिल की है। निताई राय चौधरी ने पश्चिम मागुरा सीट से जीत दर्ज की है। दोनों हिंदुओं ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवारों को हराया।</p>



<p>तीसरे अल्पसंख्यक सचिंग प्रू हैं, जो बौद्ध धर्म को मानते हैं। जबकि संसद पहुंचने वाले चौथे अल्पसंख्यक दीपेन दीवान हैं। हालांकि, उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं।</p>
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