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	<title>Satyakam Post &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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	<title>Satyakam Post &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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	<item>
		<title>देहरादून: राहुल गांधी पर एफआईआर को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68708</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 11:05:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर&#160;को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को डीजीपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने एफआईआर तत्काल निरस्त करने की मांग की है। एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट&#160;धारा&#160;लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर&nbsp;को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को डीजीपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने एफआईआर तत्काल निरस्त करने की मांग की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट&nbsp;धारा&nbsp;लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस&nbsp;के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए&nbsp; सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर गलत टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को झूठा, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही</strong><br>प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया था।&nbsp;धस्माना ने आरोप लगाया कि वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस ने&nbsp;मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस ने डीजीपी&nbsp;के सामने&nbsp;तीन मांगें रखी।&nbsp;राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की&nbsp;निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त किया जाए। आठ अगस्त को रामलीला मैदान में शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्य के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। और शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच की जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर आऊनिरस्त नहीं की गई और कांग्रेस के अनुसार वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।</p>
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		<item>
		<title>विजिट माय स्टेट अभियान: जेन-जी बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68705</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 10:53:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[डिजिटल दुनिया में जेन-जी की पसंद और उनकी आवाज संस्कृति व यात्रा के नए रुझान तय कर रही है। इसी बदलते दौर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अपने-अपने शहरों की संस्कृति, विरासत और खासियतों का प्रतिनिधि बनाने की पहल की है। विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश अभियान के तहत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">डिजिटल दुनिया में जेन-जी की पसंद और उनकी आवाज संस्कृति व यात्रा के नए रुझान तय कर रही है। इसी बदलते दौर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अपने-अपने शहरों की संस्कृति, विरासत और खासियतों का प्रतिनिधि बनाने की पहल की है। विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश अभियान के तहत पर्यटन विभाग ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे अपने शहर की अनकही कहानियों, स्थानीय संस्कृति और खास पहचान को अपनी आवाज में महज 60 सेकंड की रील के जरिए दुनिया के सामने लाएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शहर के विरासत से जुड़ी अनकही कहानियां हों या स्थानीय व्यंजन का स्वाद, सदियों पुरानी परंपराएं हों या फिर पर्यटकों की नजरों से अब तक दूर रहे अल्पज्ञात स्थल, &#8216;विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश&#8217; अभियान के जरिए प्रदेश को उन लोगों की नजर से दिखाने की तैयारी है, जो अपने शहर और उसकी पहचान को सबसे करीब से जानते हैं। स्थानीय निवासी खुद कैमरे के सामने आकर अपने शहर के विशेष अनुभव और विशेषताओं की कहानी के रूप में साझा कर सकते हैं।&nbsp;इस पहल का उद्देश्य किसी स्थान की पहचान को केवल तस्वीरों और सूचनाओं तक सीमित न रखकर वहां के लोगों की आवाज और अनुभवों के जरिए उसकी असली कहानी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">युवाओं के बीच पर्यटन स्थलों को खोजने और जानने के बदलते तरीकों को देखते हुए यूपी पर्यटन ने इस अभियान को रील्स के माध्यम से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। वर्तमान समय में यात्रा की योजना बनाने से पहले युवा छोटे वीडियो, लोगों के अनुभवों और कंटेंट क्रिएटर्स की राय को तेजी से महत्व दे रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा होने वाले ऐसे अनुभव न सिर्फ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को विशिष्ट पहचान दे रहे हैं, बल्कि अल्पज्ञात स्थलों को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचा रहे हैं। &#8216;विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश&#8217; अभियान का उद्देश्य इसी डिजिटल रुचि को प्रदेश के पर्यटन से जोड़ते हुए नया आयाम देना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>युवा बनेंगे अपने शहरों के सांस्कृतिक दूत&nbsp;</strong><br>पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि &#8216;उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल उसके प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले, शहर और गांव की अपनी अलग कहानी और पहचान है। यहां की स्थानीय खान-पान की परंपराएं, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, लोग और उनसे जुड़ी कहानियां उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि &#8216;विजिट माय स्टेट&#8217; अभियान के जरिए प्रदेश की जेन-जी सहित अन्य युवाओं को अपने-अपने शहरों का सांस्कृतिक दूत बनाने की पहल की जा रही है। युवा अपनी आवाज और शब्दों में अपने शहर की खासियतों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे, जिससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश को अधिक रोचक और नए नजरिए से जानने का अवसर मिलेगा।&#8217;</p>



<h3 class="wp-block-heading">60 सेकंड में सुनाएं अपने शहर की कहानी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अभियान में भाग लेने की प्रक्रिया को भी युवाओं के लिए बेहद सरल रखा गया है। प्रतिभागियों को अपने शहर की खास पहचान और उसकी कहानी अपनी आवाज में अधिकतम 60 सेकंड की रील के माध्यम से प्रस्तुत करनी होगी। वीडियो में प्रतिभागी का स्वयं कैमरे के सामने आना जरूरी होगा, जिसमें उनका चेहरा स्पष्ट दिखाई दे और आवाज साफ सुनाई दे। खास बात यह है कि शहर की कहानी किसी तय स्क्रिप्ट के बजाय युवा अपने शब्दों और अपने अंदाज में सुनाएंगे। रील की शूटिंग खुले स्थान पर की जाएगी, जहां पृष्ठभूमि में शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल अथवा उसकी पहचान से जुड़ा खास स्थान नजर आए। प्रतिभागी हिंदी या अंग्रेजी, किसी भी भाषा में अपनी रील तैयार कर सकते हैं। प्रत्येक वीडियो के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेष जानकारी के लिए प्रतिभागी उत्तर प्रदेश पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध &#8216;विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश&#8217; से संबंधित वीडियो भी देख सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि &#8216;विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश&#8217; अभियान स्थानीय निवासियों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी कहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि महज 60 सेकंड की एक रील के जरिए किसी स्थान की विशेषता, व्यक्ति की अपनी आवाज और स्थानीय अनुभव को प्रभावी ढंग से एक साथ प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे एक ओर प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को नए नजरिए से देखने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय और कम चर्चित जगहों को भी व्यापक पहचान मिल सकेगी। अमृत अभिजात ने कहा कि युवाओं की ओर से सामने आने वाली ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, व्यंजन और हस्तशिल्प की विविधता को एक समग्र यात्रा अनुभव के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उदाहरण के तौर पर लखनऊ का कोई निवासी अपने शहर के खान-पान, चिकनकारी, पुराने मोहल्लों अथवा सांस्कृतिक स्थलों के बारे में बता सकता है। इसी तरह ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपने-अपने शहरों की परंपराओं, स्थानीय विशेषताओं और पर्यटन अनुभवों को दुनिया के सामने ला सकते हैं। यह पहल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाने का प्रयास है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कौशाम्बी: पटाखा फैक्टरी में भीषण आग, धमाकों से दहला मनौरी बाजार, पांच की मौत</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68702</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 10:46:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी&#160;में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी&nbsp;में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। धमाके में कई परिवारों के मकान धराशायी हो गए। पांच लोगों की मौत की सूचना मिल रही है। दर्जनभर से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई&nbsp; है।&nbsp;मौके पर प्रयागराज के&nbsp;एडीजी, आईजी, डीआईजी, अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी पहुंच गए हैं।&nbsp;झुलसे लोगों को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी&nbsp;संचालित हो रही थी। हादसे के समय अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण अंदर जाना मुश्किल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान से अचानक धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना मिल रही है। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत-बचाव में जुटी है। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>15 से अधिक मकान धराशायी, पांच लोगों की मौत, कई मरणासन्न</strong><br><br>कौशाम्बी और प्रयागराज सीमा पर स्थित मनौरी बाजार स्थित पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर अचानक भीषण विस्फोट हो गया। लगातार हुए धमाकों से आसपास का इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक इसकी धमक महसूस की गई। हादसे में फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पांच से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।&nbsp;<br><br>विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मकानों के शीशे टूट गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जेसीबी लगाकर मलबे में&nbsp;खोजे जा रहे शव</strong><br><br>सूचना मिलते ही प्रयागराज और कौशाम्बी जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोनों जिलों से एंबुलेंस और बचाव दल बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।<br><br>फैक्टरी में आग लगने और विस्फोट होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सेना के जवानों ने संभाला मोर्चा</h2>



<p class="wp-block-paragraph">कौशाम्बी के मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद कई लोगों की मौत हो गई है और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस फोर्स के अलावा सेना के जवानों को भी बुला लिया गया है। एयरफोर्स के सैनिक रेस्क्यू आपरेशन में जुट गए हैं और मलब में फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद मौके पर एडीएम सिटी प्रयागराज के साथ एसीपी डाक्टर अजय पाल शर्मा सहित कौशांबी और प्रयागराज जनपद के सभी अधिकारी मौजूद हैं और बचाव कार्य में जुट गए हैं।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">आईजी और एडीजी भी मौके पर पहुंचे</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मनौरी में विस्फोट के बाद प्रयागराज के आईजी और एडीजी समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए हैं। कौशाम्बी के डीएम और एसपी के अलावा प्रयागराज से भी तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रयागराज पहुंचे घायल के परिजन बोले- नहीं आई एंबुलेंस</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद फैक्टरी के आसपास के दर्जन भर मकान धराशायी हो गए। घायलों में चीख पुकार मच गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का लोग इंतजार करते रह गए लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। घायलों को छोटा हाथी में चारपाई पर लिटाकर एसआरएन अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि मौके पर पुलिस के सिपाही मौजूद थे, उनसे कहा गया कि एंबुलेंस&nbsp; नहीं आर ही है तो सिपाही बोले इसमें हम क्या कर सकते हैं।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">हादसे के lतीन घायल एसआरएन में वेंटीलेटर पर</h2>



<p class="wp-block-paragraph">पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से घायल हुए आठ लोगों को एसआरन लाया गया है, जिसमें प्रांजली (5) और प्रवीण (13) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल उर्वशी (16) और राजेश (45) और सविता&nbsp;को वेंटीलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा समता (33), अनीता (35), माला देवी (36) का उपचार चल रहा है। अनीता और माला देवी खतरे से बाहर हैं।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>15 से अधिक हो सकती है मृतकों की संख्या<br></strong>मनौरी पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले मे मृतकों की संख्या 15 के पार पहुंच सकती है। फिलहाल पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तीन की मौत कौशाम्बी जिला अस्पताल और दो की मौत प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में हुई है। 25 से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक है। मलबे में दबने के कारण ईंट और सरिया से गंभीर घाव उनके शरीर पर हो गए हैं। अभी कई लोग मलबे में ही दबे हैं जिनको जेसीबी से खोदाई करके निकालने का कार्य चल रहा है।&nbsp;<br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान में प्रदर्शन के दौरान जलती दुकान की कर रही थी रिकॉर्डिंग</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68699</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 10:22:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक सुपरमार्केट में लगी आग का वीडियो बनाने और तस्वीरें खींचने वाली 43 वर्षीय महिला लीला अबोलहसानी को इस्लामिक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने उन पर आगजनी में शामिल होने और मोहरेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध का झूठा आरोप लगाया है, जबकि उनके &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक सुपरमार्केट में लगी आग का वीडियो बनाने और तस्वीरें खींचने वाली 43 वर्षीय महिला लीला अबोलहसानी को इस्लामिक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अधिकारियों ने उन पर आगजनी में शामिल होने और मोहरेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध का झूठा आरोप लगाया है, जबकि उनके परिवार का कहना है कि वे केवल आग की घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह क्रूर मामला इस साल जनवरी में हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरान सरकार की दमनकारी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसे लेकर दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों द्वारा गंभीर चिंता जताई जा रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईश्वर के खिलाफ युद्ध का आरोप</h2>



<p class="wp-block-paragraph">दो बच्चों की मां लेयला अबोलहसानी को 8 जनवरी को मध्य ईरान के इस्फहान प्रांत के शाहीन शहर में गिरफ्तार किया गया था। ईरानवायर की रिपोर्ट के अनुसार, लेयला ने ओफोग कूरश नामक एक प्रमुख सुपरमार्केट चेन के स्टोर में लगी आग की तस्वीरें ली थीं, जिसके बाद से इस्फहान की दौलताबाद जेल में बंद हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लेयला को मोहरेबेह के आरोप में दोषी ठहराया गया है। ईरान की इस्लामी कानूनी प्रणाली में इसका अर्थ ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी या ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ना होता है। इस आरोप के तहत दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का कड़ा प्रावधान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट में अपील</h2>



<p class="wp-block-paragraph">ईरानवायर के मुताबिक, अधिकारियों ने लेयला पर स्टोर में आग लगाने की घटना में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया है। हालांकि, इस बात के कोई भी सबूत पेश नहीं किए गए हैं जो उन्हें आगजनी से जोड़ते हों। इसके अलावा, मुकदमे की कार्यवाही और कानूनी बचाव की प्रकृति का विवरण भी गुप्त रखा गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मई के अंत में इस्फहान क्रांतिकारी अदालत की शाखा 5 के पीठासीन न्यायाधीश वाहिद हेम्मतनेजाद ने लेयला को फांसी की सजा सुनाई थी। लेयला ने इस कड़े फैसले के खिलाफ अपील की है, जिसके बाद उनका मामला ईरान के सुप्रीम कोर्ट में भेज दिया गया है, जहां फिलहाल इस फैसले की समीक्षा की जा रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सच उजागर करने वालों के लिए चेतावनी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ हो रहे क्रूर व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता बनी हुई है। एक अमेरिका स्थित समाचार आउटलेट से बात करते हुए एक ईरानी शरणार्थी ने लेयला के मामले को सरकार का विरोध करने वालों और घटनाओं का दस्तावेजीकरण करने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी बताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शरणार्थी का कहना है कि लेयला को केवल वहां हो रही घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए गिरफ्तार किया गया। उनका यह काम दुनिया को यह दिखाने में बहुत प्रभावी हो सकता था कि ईरानी शासन कितना क्रूर है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अधिकारियों का मकसद इस मामले के जरिए उन लोगों में डर पैदा करना है जो सच बोलने या घटनाओं को उजागर करने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग हमेशा के लिए चुप रहें और सच्चाई छिपी रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता</h2>



<p class="wp-block-paragraph">यह संभावित फांसी ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में मौत की सजा के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर ईरान अंतरराष्ट्रीय जांच के घेरे में है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हाल ही में ईरान की कार्रवाइयों पर गंभीर चिंता जताते हुए बताया था कि 19 मार्च से अब तक ईरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में कम से कम 56 लोगों को फांसी दी है, जिनमें से 27 मामले जनवरी के प्रदर्शनों से सीधे तौर पर जुड़े थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने यह भी बताया कि मार्च के बाद से मौत की सजा के मामलों में भारी वृद्धि हुई है, और 100 से अधिक अन्य लोग ऐसे आरोपों का सामना कर रहे हैं जिनमें मौत की सजा हो सकती है। वोल्कर तुर्क ने स्पष्ट किया कि मौत की सजा जीवन के अधिकार के साथ पूरी तरह असंगत है और मानवीय गरिमा के खिलाफ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल त्रासदी के बीच टीचर ने कैसे बचाई हजारों बच्चों की जान</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68695</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 08:42:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[नेपाल में जिस दिन जलप्रलय ने तबाही मचाई थी उस दिन कुछ ही मिनटों में तीन चेतावनियां मिली थीं। एक अकाउंटेंट ने आकर बताया कि पानी तेजी से अंदर आ रहा है, फिर एक टीचर ने ऊपरी इलाके से फोन करके बताया कि इलाका पूरी तरह से डूब गया है, इसके बाद एक पिता अपनी &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">नेपाल में जिस दिन जलप्रलय ने तबाही मचाई थी उस दिन कुछ ही मिनटों में तीन चेतावनियां मिली थीं। एक अकाउंटेंट ने आकर बताया कि पानी तेजी से अंदर आ रहा है, फिर एक टीचर ने ऊपरी इलाके से फोन करके बताया कि इलाका पूरी तरह से डूब गया है, इसके बाद एक पिता अपनी बच्ची को लेने के लिए स्कूटर से स्कूल पहुंचे थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी को एक साथ तीन चेतावनियां मिली थीं और उन्होंने स्कूल के लगभग 900 छात्रों को बाहर निकालने का आदेश दिया। इससे पहले कि नदी 76 साल पुराने कैंपस को बहा ले जाती वे सभी सुरक्षित निकल गए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">&#8216;नदी से डर लगता है डर&#8217;</h2>



<p class="wp-block-paragraph">टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दवाडी का कहना है कि बच्चे तो बच्चे यहां तक कि टीचर और घरेलू स्टाफ भी नदी से डरे हुए हैं। जब भी नदी को देखते हैं तो इन्हें डर लगता है। जब उन्हें चेतावनी मिली तो स्कूल में बच्चों समेत लगभग एक हजार लोग मौजूद थे। तीस लड़कियां रेजिडेंशियल हॉस्टल में थीं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">1,643 स्टूडेंट्स की बची जान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">जब इन लड़कियों ने दवाडी से पूछा कि वे कहां जाएं क्योंकि घर दूर थे तो वह इन बच्चों को अपने साथ पहाड़ी पर ऊपर की तरफ ले गए। दवाडी ने एक कर्मचारी को घंटी बजाने का आदेश दिया और टीचर क्लासरूम खाली करवाने लगे। स्टाफ ने पैनिक अटैक से जूझ रहे स्टूडेंट्स की मदद की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बाढ़ से प्रभावित रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में सबसे पुराने स्कूल त्रिभुवन त्रिशूली में 1,643 स्टूडेंट्स थे। स्कूल के अंदर मौजूद सभी स्टूडेंट्स बच गए। दवाडी ने बताया कि दो स्टाफ सदस्य अभी भी लापता हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बाढ़ ने बर्बाद कर दिया स्कूल</h2>



<p class="wp-block-paragraph">बाढ़ ने स्कूल की लगभग हर चीज बर्बाद कर दी, जिसमें 2015 के भूकंप के बाद भारतीय दूतावास की मदद से बना 18 कमरों वाला तीन मंजिला ब्लॉक भी शामिल था। स्कूल की संपत्ति में बस दो बसें ही बचीं। उनमें से एक बस भारतीय दूतावास ने दी थी। दवाडी ने कहा, &#8220;बाढ़ में सब कुछ बह गया।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">छात्रों ने बयां किया वो खौफनाक मंजर</h2>



<p class="wp-block-paragraph">छात्रों ने अपने स्कूल को बर्बाद होते देखने के खौफनाक अनुभव के बारे में बताया। 10वीं की एक छात्रा ने बताया, “हम सुबह की असेंबली के लिए तैयार हो रहे थे, तभी टीचर चिल्लाने लगे कि हम पहाड़ी पर भागें। मैंने अपना बैग और किताबें क्लासरूम में ही छोड़ दीं। पहाड़ी की चोटी से नीचे देखने पर जब मैंने नदी का पानी हमारे खेल के मैदान को डुबोते हुए देखा तो वह नजारा बहुत डरावना था लेकिन मुझे खुशी है कि मेरे सभी दोस्त सुरक्षित बच गए।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">12वीं क्लास के स्टूडेंट को इतना याद है कि बाढ़ को देखने से पहले ही उन्होंने उसकी आवाज सुनी थी। छात्र ने कहा, &#8220;गाद को आते देखने से पहले ही नदी की गड़गड़ाहट धीमी बिजली की आवाज जैसी लग रही थी। टीचरों ने तेजी से सभी को हॉस्टल से निकालकर ऊंची जगह पर पहुंचाया। स्कूल अब पूरी तरह कीचड़ में डूबा हुआ है और हमें नहीं पता कि हम कब क्लास में वापस जा पाएंगे लेकिन हम अस्थायी कैंप में एक-दूसरे का ख्याल रख रहे हैं।&#8221;</p>
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