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	<title>अंतर्राष्ट्रीय &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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	<title>अंतर्राष्ट्रीय &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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		<title>दुबई एयरपोर्ट के पास ईरान ने किया ड्रोन से हमला, फ्यूल टैंक में लगी भीषण आग</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63342</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 09:06:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष कम होने की बजाय और बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच की लड़ाई अब अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है। सोमवार को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले से दुबई एयरपोर्ट पर आग लग गई। जिसके कारण उड़ानें निलंबित करनी पड़ी। दरअसल, सोमवार को ईरान &#8230;]]></description>
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<p>मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष कम होने की बजाय और बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच की लड़ाई अब अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है। सोमवार को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले से दुबई एयरपोर्ट पर आग लग गई। जिसके कारण उड़ानें निलंबित करनी पड़ी।</p>



<p>दरअसल, सोमवार को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले से दुबई एयरपोर्ट पर फ्यूल टैंक में भीषण आग लग गई। एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन अटैक के बाद अफरा-तफरी मच गई और धुएं के गुबार दूर तक देखे गए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पूरी तरह कंट्रोल में हालात</h2>



<p>घटना के तुरंत बाद आपातकालीन टीमें पहुंची और आग को काबू में कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।&nbsp;राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अस्थायी रूप से उड़ानें निलंबित</h2>



<p>सुरक्षा के मद्देनजर दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने यात्री और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की।</p>



<p>दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, ईरान द्वारा किए गए ड्रोन अटैक ने एयरपोर्ट के आसपास मौजूद एक फ्यूल टैंक को प्रभावित किया, जिसके बाद सिविल डिफेंस टीमों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे और आग पर काबू पाते ही स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पहले भी UAE में हो चुके हैं ड्रोन हमले</h2>



<p>गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच UAE पहले भी ईरान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है। जिनका असर इसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे. एयरपोर्ट, पोर्ट और तेल सुविधाओं पर पड़ा है।</p>
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		<title>पश्चिम एशिया संकट: तनाव के बीच कतर से विमानों का संचालन शुरू, भारत के लिए भी कई विमान भरेंगे उड़ान</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63301</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 09:40:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान के हमलों के बीच कतर एयरवेज 12 से 17 मार्च तक सीमित विमानों का संचालन शुरू किया है। इससे भारत समेत कई देशों के फंसे हुए यात्रियों को राहत मिलेगी। पश्चिम एशिया में ईरान के हमलों की वजह से विमानों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इन हमलों के कारण पश्चिम एशिया में &#8230;]]></description>
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<p>ईरान के हमलों के बीच कतर एयरवेज 12 से 17 मार्च तक सीमित विमानों का संचालन शुरू किया है। इससे भारत समेत कई देशों के फंसे हुए यात्रियों को राहत मिलेगी।</p>



<p>पश्चिम एशिया में ईरान के हमलों की वजह से विमानों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इन हमलों के कारण पश्चिम एशिया में दूसरे देशों के बहुत से नागरिक फंसे हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए कतर 12 मार्च से विमानों का संचालन शुरू करने जा रहा है। कतर एयरवेज ने बताया है कि दोहा से गुरुवार को कई विमान उड़ान भरेंगे। ताजा हालात के हिसाब से कतर एयरवेज 12 से 17 मार्च तक दोहा आने-जाने के लिए सीमित विमान चलाएगा।</p>



<p>नए शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमानों का संचालन होगा। इसमें 15 विमान रवाना होंगे और 14 विमान वहां पहुंचेंगे। दोहा से जाने वाले विमान मुख्य रूप से मुंबई, नई दिल्ली, इस्लामाबाद, न्यूयॉर्क, फ्रैंकफर्ट, बीजिंग, लंदन, काहिरा और जोहान्सबर्ग जाएंगे। वहीं सियोल, जेद्दा, नई दिल्ली, हांगकांग, मस्कट, मेलबर्न, डलास और बैंकॉक से विमान दोहा आएंगे।</p>



<p>भारत के लिए 13 मार्च को दोहा से कोच्चि के लिए विमान चलेगा। इसके अलावा 14 मार्च को मुंबई, 15 मार्च को दिल्ली और 16 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए विमान उड़ान भरेंगे। 17 मार्च को भी कोच्चि और मुंबई के लिए दोहा से विमान रवाना होगा। वापसी में कोच्चि से 14 मार्च को, मुंबई से 15 मार्च को और नई दिल्ली से 16 मार्च को दोहा के लिए विमान उड़ान भरेंगे।</p>



<p>कतर एयरवेज ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें एक सीमित रास्ता (कॉरिडोर) इस्तेमाल करने की इजाजत मिली है। एयरलाइन आने वाले दिनों में कुछ खास शेड्यूल चलाएगी ताकि फंसे हुए यात्रियों की मदद हो सके। कंपनी ने साफ किया कि यह नियमित उड़ानों की शुरुआत नहीं है। अभी विमान सेवाएं अस्थायी तौर पर रुकी हुई हैं। कंपनी यात्रियों को उनके परिवार से मिलाने की कोशिश कर रही है। कतर का एयरस्पेस सुरक्षित रूप से खुलने के बाद ही सामान्य ऑपरेशन शुरू होंगे।</p>



<p>कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कैबिनेट मीटिंग की। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्रायल युद्ध के दौरान देश की ताकत बढ़ाने की अपील की। इसी बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने चार नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के लिए जासूसी करने का आरोप है। ये लोग जरूरी जगहों की तस्वीरें ले रहे थे। गिरफ्तार लोगों की उम्र 22 से 36 साल है, जबकि 25 साल का पांचवां व्यक्ति विदेश में फरार है। जांच में पता चला कि इन लोगों ने हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से फोटो ली और खास सॉफ्टवेयर से जानकारी ईरान भेजी।</p>
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		<item>
		<title>अमेरिकी एफ-35 जेट की रफ्तार धीमी करेगा चीन, दुर्लभ खनिजों को बना रहा हथियार</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63229</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 08:58:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[चीन की सरकार बड़ी ही चालाकी से उन दुर्लभ खनिजों पर अपनी पकड़ बना रही है, जिनका इस्तेमाल आधुनिक सैन्य उपकरण बनाने में होता है। इसके जरिए चीन, अमेरिका के कई अत्याधुनिक हथियारों को बिना एक गोली चलाए ही बेअसर करने की रणनीति बना रहा है। वैश्विक तनाव और ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>चीन की सरकार बड़ी ही चालाकी से उन दुर्लभ खनिजों पर अपनी पकड़ बना रही है, जिनका इस्तेमाल आधुनिक सैन्य उपकरण बनाने में होता है। इसके जरिए चीन, अमेरिका के कई अत्याधुनिक हथियारों को बिना एक गोली चलाए ही बेअसर करने की रणनीति बना रहा है।</p>



<p>वैश्विक तनाव और ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच अमेरिका को चित करने के लिए चीन की रणनीति तैयार है। रेयर अर्थ खनिजों व टेक आपूर्ति शृंखला पर मजबूत पकड़ की बदौलत चीन बगैर युद्ध और बिना एक गोली चलाए भविष्य में अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-35 फाइटर जेट की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार चीन का फोकस उन अहम कच्चे संसाधनों और तकनीकी सप्लाई चेन पर नियंत्रण बढ़ाने पर है, जिनके बिना आधुनिक सैन्य उपकरण बनाना मुश्किल हो जाता है।</p>



<p><strong>चीन का दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति पर पकड़<br></strong>विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी एफ-35 समेत कई उन्नत हथियार प्रणालियों में रेयर अर्थ खनिजों का व्यापक इस्तेमाल होता है। ये धातुएं जेट इंजन, सेंसर, रडार और मिसाइल सिस्टम के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। चीन पहले से ही दुनिया में इन खनिजों की प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है और हाल के वर्षों में इनके निर्यात पर कड़े नियम भी लागू किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार चीन की नई औद्योगिक और तकनीकी योजनाओं में एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रेयर अर्थ संसाधनों पर पकड़ मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।</p>



<p><strong>अमेरिका भी खतरे से वाकिफ<br></strong>अमेरिका भी 2027 तक रक्षा क्षेत्र में चीनी रेयर अर्थ खनिजों पर निर्भरता घटाने की योजना बना रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नई खदानें विकसित करने और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने में समय लगेगा, लेकिन इस संबंध में योजना बन चुकी है। विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में महाशक्तियों के बीच मुकाबला केवल हथियारों से नहीं बल्कि संसाधनों और आपूर्ति शृंखला के नियंत्रण से भी तय हो सकता है, जहां बिना गोली चलाए भी रणनीतिक बढ़त हासिल की जा सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान में अमेरिका-इजरायल मिलकर मचा रहे भारी तबाही, क्या है ट्रंप का Endgame?</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63187</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 09:13:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया है, जो अब दूसरे हफ्ते में है। अमेरिकी हमलों में 2,000 ठिकाने नष्ट हुए, 1,200 से अधिक ईरानी मारे गए, जबकि ईरान ने इजरायल और पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागीं। ट्रंप का रुख बदलता रहा है, जिससे उनके ‘एंडगेम’ पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया है, जो अब दूसरे हफ्ते में है। अमेरिकी हमलों में 2,000 ठिकाने नष्ट हुए, 1,200 से अधिक ईरानी मारे गए, जबकि ईरान ने इजरायल और पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागीं। ट्रंप का रुख बदलता रहा है, जिससे उनके ‘एंडगेम’ पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ इसे शासन परिवर्तन का प्रयास मानते हैं, लेकिन व्यावहारिक विकल्प जबरन समझौता हो सकता है।</p>



<p>2003 में इराक पर अमेरिकी हमले के दो दशक से ज्यादा समय के बाद अब यूएस ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू की है जो अब अपने दूसरे हफ्ते में पहुंच गई है। जैसे-जैसे ईरान पर हमले बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की राय भी बढ़ रही है।</p>



<p>उनके बदलते बयानों के बाद सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर अमेरिका चाहता क्या है और उसका एंडगेम क्या है? युद्ध शुरू होने के बाद से यूएस आर्मी ने ईरान में लगभग 2,000 ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें तेहरान में देश के उस समय के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई बड़े ईरानी अधिकारी मारे गए हैं।</p>



<p><strong>ईरान में इन जगहों को बनाया निशाना<br></strong>इसके बाद के हमलों में न्यूक्लियर फैसिलिटी, सिविलियन इलाके और ऑयल रिफाइनरी और एक डीसेलिनेशन प्लांट जैसे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी के पड़ोसी देशों को निशाना बनाते हुए सैकड़ों मिसाइलें और हजारों ड्रोन लॉन्च किए हैं।</p>



<p>तेहरान का कहना है कि हमले यूएस के इस्तेमाल किए जाने वाले मिलिट्री बेस, साथ ही एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, एम्बेसी और सिविलियन इलाकों को निशाना बनाकर किए गए थे।</p>



<p><strong>कितने लोग मारे गए?<br></strong>अब तक अमेरिकी और इजरायली हमलों में 1,200 से ज्यादा ईरानी मारे गए हैं, जिसमें एक स्कूल में बमबारी में मारे गए 160 से ज्यादा बच्चे भी शामिल हैं। सात अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप और उनके प्रशासन ने कभी साफ तौर पर यह नहीं बताया कि वे इस युद्ध को कैसे खत्म करना चाहते हैं।</p>



<p><strong>पिछले 10 दिनों में कई बार बदला ट्रंप का रुख<br></strong>अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कभी भी साफ तौर पर रिजीम चेंज शब्दों का जिक्र नहीं किया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा लगता है कि उसके एक्शन का मकसद मौजूदा ईरानी सिस्टम को गिराना था।</p>



<p>जब से तथाकथित ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू हुआ है, ट्रंप का संदेश डीलमेकिंग और ईरान के विनाश के बीच झूलता रहा है। शुरुआत में, उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों से हथियार डालने और इम्यूनिटी के बदले सरेंडर करने को कहा। बाद में उन्होंने ईरानी डिप्लोमैट्स से पाला बदलने को कहा।</p>



<p>लेकिन IRGC अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के जवाबी हमले को लीड कर रहा है और दूसरे खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को भी चला रहा है। ईरानी डिप्लोमैट्स ने एक पब्लिक लेटर में ट्रंप के ऑफर को ठुकरा दिया है और जोर देकर कहा है कि वे इस्लामिक रिपब्लिक के रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर अपनी भूमिका के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>



<p>ट्रंप और उनकी टीम ने बार-बार ईरान की सैन्य क्षमताओं, उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों और उन्हें बनाने वाली सुविधाओं, उसकी नौसेना को युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों के रूप में नष्ट करने की बात कही है।</p>



<p><strong>अमेरिका के लिए असल में क्या एंडगेम है?<br></strong>ट्रंप और उनकी टीम ने युद्ध के लिए जो अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं, इसके बीच अमेरिका के लिए सबसे प्रैक्टिकल ऑप्शन जमीनी युद्ध के बजाय जबरदस्ती समझौता करना है। ट्रंप का प्रैक्टिकल नजरिया आखिरकार नतीजे तय कर सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खामनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक, US-इजरायल और ईरान जंग का 10वां दिन</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/63149</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 07:28:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका और इजरायल ने 28 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण हमले किए। इस हमले में सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत हो गई। अमेरिका-इजराइल और ईरान के जंग का आज दसवां दिन है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 1700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लोग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण हमले किए। इस हमले में सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत हो गई। अमेरिका-इजराइल और ईरान के जंग का आज दसवां दिन है।</p>



<p>मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 1700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लोग हजारों घायल हैं। ईरान और इजराइल लगातार एक दूसरे के सैन्य ठिकानों के साथ नागरिकों की आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं।</p>



<p>अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर अटैक से लेकर ईरान द्वारा खाड़ी में मिसाइल -ड्रोन के हमले तक… आइए जानते हैं मिडिल ईस्ट में जारी तनातनी के बीच अब तक क्या-क्या हुआ है।</p>



<p><strong>मिडिल ईस्ट में जारी जंग की 10 बड़ी बातें…</strong></p>



<p><strong>जंग की शुरुआत<br></strong>28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में हमला किया। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरानी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना बताया गया है।</p>



<p><strong>सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत<br></strong>अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरा पर किए हमले के पहले दिन ही ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की तेहरान स्थित उनके परिसर में मौत हो गई। इस हमले के दौरान खामनेई के परिवार के सदस्य और कई शीर्ष अधिकारी भी मारे गए। वहीं, अब मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है।</p>



<p><strong>अब तक 1700 लोगों की मौत<br></strong>मिडिल ईस्ट में पिछले 10 दिनों से जारी जंग के बीच के सदस्य और कई शीर्ष अधिकारी भी मारे गए। अकेले ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 1,230 के पार पहुंच गया है।</p>



<p><strong>अमेरिकी सैनिकों की मौत<br></strong>बदले की कार्रवाई में ईरान ने कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान द्वारा किए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। वहीं, दुबई में हुए ड्रोन हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई।</p>



<p><strong>नौसेना को नुकसान<br></strong>हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत ‘IRIS डेना’ को टॉरपीडो से डुबो दिया। श्रीलंका ने आईआरआईएस डेना नामक युद्धपोत से 32 लोगों को बचाया, जिसे अमेरिका ने एक टॉरपीडो से नष्ट कर दिया था, जिसमें 80 से अधिक लोग मारे गए थे।</p>



<p><strong>लगातार बढ़ रहा तनाव<br></strong>मिडिल ईस्ट में जारी जंग का आज 10वां दिन है। इसके बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे अमेरिका- इजरायल हो या फिर ईरान कोई भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। जिससे जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है।</p>



<p><strong>ईरानी तेल ठिकानों पर हमला<br></strong>रविवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित 4 तेल रिफाइनरियों और डिपो पर हमला किया। इससे भीषण आग लग गई और आसमान धुओं से भर गया। आलम यह हुआ कि राजधानी तेहरान में तेल की बारिश देखी गई।</p>



<p><strong>हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा इजरायल<br></strong>अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए हमले के बाद हिजबुल्लाह ने ईरान की ओर से मिसाइलें दागनी शुरू कर दी। जिसके बाद अब इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बना रहा है।</p>



<p><strong>खाड़ी देशों को बनाया निशाना<br></strong>अमेरिका-इजरायल द्वारा हमले के बाद ईरान ने जवाबी हमले में खाड़ी देशों को निशाना बनाकर सैकड़ों मिसाइलें दागी। ईरान द्वारा किए गए हमलों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इन हमलों से आम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।</p>



<p><strong>बिना शर्त आत्मसमर्पण करे ईरान<br></strong>मिडिल ईस्ट में जारी जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और ना ही इसके समाप्त होने की कोई संभावना दिख रही है। क्योंकि, एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के बिना कोई समझौता नहीं होगा। तो वहीं, ईरान पीछे हटने का बिल्कुल नाम नहीं ले रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने सोमवार को कतर की राजधानी दोहा और इजरायल की ओर मिसाइलें दागी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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