उत्तर प्रदेश – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Wed, 02 Sep 2026 12:27:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png उत्तर प्रदेश – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 अयोध्या : राम मंदिर के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा https://satyakampost.com/archives/68764 Wed, 02 Sep 2026 12:27:35 +0000 https://satyakampost.com/?p=68764 अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ ) को लेकर निर्णय हो गया है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ट्रस्ट के सीईओ चुने गए हैं। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ ही आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे।

वहीं, ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्यों की भी घोषणा की गई है। नए शामिल होने वाले सदस्यों में मदन मोहन पांडेय अयोध्या के, महेश भागचंदका दिल्ली के और निर्मला यादव अयोध्या से हैं।

ट्रस्ट ने एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ ) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके मिश्रा अब राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को नई दिशा देंगे।

एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया। कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रहे हैं।

इसके अलावा एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। देश के साथ अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मिश्रा के पास बड़े संगठन के संचालन और नेतृत्व का व्यापक अनुभव है।

सैन्य अनुशासन से मंदिर प्रबंधन तक
राम मंदिर के सीईओ के रूप में उनकी नियुक्ति को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारी प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां सीईओ के सामने होंगी।

ऐसे में सैन्य सेवा से आए मिश्रा के अनुशासन, नेतृत्व, बड़े संस्थान के प्रबंधन और समन्वय के अनुभव को ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवरिया के छोटे से गांव भोपतपुरा से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे मिश्रा का अब अयोध्या के राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में नया अध्याय शुरू हुआ है।

राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य और स्थाई सदस्य
के. परासरन : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : कोषाध्यक्ष।
कृष्ण मोहन : अंतरिम महासचिव।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)।
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)।
युगपुरुष परमानन्द जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडे : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका : नए ट्रस्टी (दिल्ली)।

पदेन और सरकारी सदस्य
नृपेंद्र मिश्रा : अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
प्रशांत लोखंडे : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
संजय प्रसाद : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
शशांक त्रिपाठी : जिलाधिकारी अयोध्या।

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अयोध्या: राम मंदिर को आज मिल सकता है सीईओ https://satyakampost.com/archives/68761 Wed, 02 Sep 2026 12:15:19 +0000 https://satyakampost.com/?p=68761 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले रामनगरी में हलचल बढ़ गई है। राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति समेत ट्रस्ट की डीड और न्यास नियमावली में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों पर बुधवार को मंथन होने की संभावना है। ट्रस्ट की बैठक दोपहर तीन बजे मणिरामदास की छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होगी। अधिकांश ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी ऑनलाइन बैठक से जुड़ेंगे।

बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के साथ रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दोनों ने रामलला के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इसके बाद दोनों ट्रस्ट की बैठक की तैयारियों में जुटे।

ट्रस्ट की बैठक के पहले चरण में सीईओ की नियुक्ति और ट्रस्ट में रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन को लेकर मंथन होने की संभावना है। सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अपनी ओर से तीन नामों का पैनल पहले ही ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंप चुकी है। अब ट्रस्ट की सहमति के बाद किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। सीईओ के चयन के साथ ही उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर भी नजर
बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों की सामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच की मौजूदा स्थिति में चंपत राय को लेकर राहत की बात सामने आने के बाद उनके दोबारा ट्रस्ट से जुड़ने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में ही स्पष्ट होगा। डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी ट्रस्ट के स्तर पर क्या निर्णय होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

डीड में संशोधन का प्रस्ताव भी अहम
ट्रस्ट की बैठक से पहले संघ और विश्व हिंदू परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है। विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, संरक्षक दिनेश चंद्र और संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह के भी अयोध्या पहुंचने की जानकारी है। इनके पहुंचने के बाद बैठक को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। संघ व विहिप के पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से भेंट की है, बंद कमरे में वार्ता हुई।

डीड में संशोधन का प्रस्ताव भी अहम
बैठक में ट्रस्ट डीड और न्यास नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण होगा। इसके तहत सीईओ के पद, उसके अधिकार क्षेत्र और महासचिव के साथ जिम्मेदारियों के बंटवारे को स्पष्ट करने के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े प्रावधानों में बदलाव पर विचार हो सकता है। साथ ही ट्रस्ट की विभिन्न समितियों और स्थानीय स्तर पर समन्वय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा संभव है।

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विजिट माय स्टेट अभियान: जेन-जी बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर https://satyakampost.com/archives/68705 Mon, 31 Aug 2026 10:53:36 +0000 https://satyakampost.com/?p=68705 डिजिटल दुनिया में जेन-जी की पसंद और उनकी आवाज संस्कृति व यात्रा के नए रुझान तय कर रही है। इसी बदलते दौर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अपने-अपने शहरों की संस्कृति, विरासत और खासियतों का प्रतिनिधि बनाने की पहल की है। विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश अभियान के तहत पर्यटन विभाग ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे अपने शहर की अनकही कहानियों, स्थानीय संस्कृति और खास पहचान को अपनी आवाज में महज 60 सेकंड की रील के जरिए दुनिया के सामने लाएं।

शहर के विरासत से जुड़ी अनकही कहानियां हों या स्थानीय व्यंजन का स्वाद, सदियों पुरानी परंपराएं हों या फिर पर्यटकों की नजरों से अब तक दूर रहे अल्पज्ञात स्थल, ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के जरिए प्रदेश को उन लोगों की नजर से दिखाने की तैयारी है, जो अपने शहर और उसकी पहचान को सबसे करीब से जानते हैं। स्थानीय निवासी खुद कैमरे के सामने आकर अपने शहर के विशेष अनुभव और विशेषताओं की कहानी के रूप में साझा कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य किसी स्थान की पहचान को केवल तस्वीरों और सूचनाओं तक सीमित न रखकर वहां के लोगों की आवाज और अनुभवों के जरिए उसकी असली कहानी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।

युवाओं के बीच पर्यटन स्थलों को खोजने और जानने के बदलते तरीकों को देखते हुए यूपी पर्यटन ने इस अभियान को रील्स के माध्यम से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। वर्तमान समय में यात्रा की योजना बनाने से पहले युवा छोटे वीडियो, लोगों के अनुभवों और कंटेंट क्रिएटर्स की राय को तेजी से महत्व दे रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा होने वाले ऐसे अनुभव न सिर्फ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को विशिष्ट पहचान दे रहे हैं, बल्कि अल्पज्ञात स्थलों को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचा रहे हैं। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान का उद्देश्य इसी डिजिटल रुचि को प्रदेश के पर्यटन से जोड़ते हुए नया आयाम देना है।

युवा बनेंगे अपने शहरों के सांस्कृतिक दूत 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल उसके प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले, शहर और गांव की अपनी अलग कहानी और पहचान है। यहां की स्थानीय खान-पान की परंपराएं, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, लोग और उनसे जुड़ी कहानियां उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के जरिए प्रदेश की जेन-जी सहित अन्य युवाओं को अपने-अपने शहरों का सांस्कृतिक दूत बनाने की पहल की जा रही है। युवा अपनी आवाज और शब्दों में अपने शहर की खासियतों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे, जिससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश को अधिक रोचक और नए नजरिए से जानने का अवसर मिलेगा।’

60 सेकंड में सुनाएं अपने शहर की कहानी

अभियान में भाग लेने की प्रक्रिया को भी युवाओं के लिए बेहद सरल रखा गया है। प्रतिभागियों को अपने शहर की खास पहचान और उसकी कहानी अपनी आवाज में अधिकतम 60 सेकंड की रील के माध्यम से प्रस्तुत करनी होगी। वीडियो में प्रतिभागी का स्वयं कैमरे के सामने आना जरूरी होगा, जिसमें उनका चेहरा स्पष्ट दिखाई दे और आवाज साफ सुनाई दे। खास बात यह है कि शहर की कहानी किसी तय स्क्रिप्ट के बजाय युवा अपने शब्दों और अपने अंदाज में सुनाएंगे। रील की शूटिंग खुले स्थान पर की जाएगी, जहां पृष्ठभूमि में शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल अथवा उसकी पहचान से जुड़ा खास स्थान नजर आए। प्रतिभागी हिंदी या अंग्रेजी, किसी भी भाषा में अपनी रील तैयार कर सकते हैं। प्रत्येक वीडियो के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।

विशेष जानकारी के लिए प्रतिभागी उत्तर प्रदेश पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ से संबंधित वीडियो भी देख सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान स्थानीय निवासियों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी कहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि महज 60 सेकंड की एक रील के जरिए किसी स्थान की विशेषता, व्यक्ति की अपनी आवाज और स्थानीय अनुभव को प्रभावी ढंग से एक साथ प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे एक ओर प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को नए नजरिए से देखने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय और कम चर्चित जगहों को भी व्यापक पहचान मिल सकेगी। अमृत अभिजात ने कहा कि युवाओं की ओर से सामने आने वाली ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, व्यंजन और हस्तशिल्प की विविधता को एक समग्र यात्रा अनुभव के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगी।

उदाहरण के तौर पर लखनऊ का कोई निवासी अपने शहर के खान-पान, चिकनकारी, पुराने मोहल्लों अथवा सांस्कृतिक स्थलों के बारे में बता सकता है। इसी तरह ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपने-अपने शहरों की परंपराओं, स्थानीय विशेषताओं और पर्यटन अनुभवों को दुनिया के सामने ला सकते हैं। यह पहल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाने का प्रयास है।

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कौशाम्बी: पटाखा फैक्टरी में भीषण आग, धमाकों से दहला मनौरी बाजार, पांच की मौत https://satyakampost.com/archives/68702 Mon, 31 Aug 2026 10:46:57 +0000 https://satyakampost.com/?p=68702 पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। धमाके में कई परिवारों के मकान धराशायी हो गए। पांच लोगों की मौत की सूचना मिल रही है। दर्जनभर से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई  है। मौके पर प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी, अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी पहुंच गए हैं। झुलसे लोगों को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है। 

बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण अंदर जाना मुश्किल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान से अचानक धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं।

हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना मिल रही है। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत-बचाव में जुटी है। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

15 से अधिक मकान धराशायी, पांच लोगों की मौत, कई मरणासन्न

कौशाम्बी और प्रयागराज सीमा पर स्थित मनौरी बाजार स्थित पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर अचानक भीषण विस्फोट हो गया। लगातार हुए धमाकों से आसपास का इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक इसकी धमक महसूस की गई। हादसे में फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पांच से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। 

विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मकानों के शीशे टूट गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

जेसीबी लगाकर मलबे में खोजे जा रहे शव

सूचना मिलते ही प्रयागराज और कौशाम्बी जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोनों जिलों से एंबुलेंस और बचाव दल बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

फैक्टरी में आग लगने और विस्फोट होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।

सेना के जवानों ने संभाला मोर्चा

कौशाम्बी के मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद कई लोगों की मौत हो गई है और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस फोर्स के अलावा सेना के जवानों को भी बुला लिया गया है। एयरफोर्स के सैनिक रेस्क्यू आपरेशन में जुट गए हैं और मलब में फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं। 

मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद मौके पर एडीएम सिटी प्रयागराज के साथ एसीपी डाक्टर अजय पाल शर्मा सहित कौशांबी और प्रयागराज जनपद के सभी अधिकारी मौजूद हैं और बचाव कार्य में जुट गए हैं। 

आईजी और एडीजी भी मौके पर पहुंचे

मनौरी में विस्फोट के बाद प्रयागराज के आईजी और एडीजी समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए हैं। कौशाम्बी के डीएम और एसपी के अलावा प्रयागराज से भी तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। 

प्रयागराज पहुंचे घायल के परिजन बोले- नहीं आई एंबुलेंस

मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद फैक्टरी के आसपास के दर्जन भर मकान धराशायी हो गए। घायलों में चीख पुकार मच गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का लोग इंतजार करते रह गए लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। घायलों को छोटा हाथी में चारपाई पर लिटाकर एसआरएन अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि मौके पर पुलिस के सिपाही मौजूद थे, उनसे कहा गया कि एंबुलेंस  नहीं आर ही है तो सिपाही बोले इसमें हम क्या कर सकते हैं। 

हादसे के lतीन घायल एसआरएन में वेंटीलेटर पर

पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से घायल हुए आठ लोगों को एसआरन लाया गया है, जिसमें प्रांजली (5) और प्रवीण (13) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल उर्वशी (16) और राजेश (45) और सविता को वेंटीलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा समता (33), अनीता (35), माला देवी (36) का उपचार चल रहा है। अनीता और माला देवी खतरे से बाहर हैं। 

15 से अधिक हो सकती है मृतकों की संख्या
मनौरी पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले मे मृतकों की संख्या 15 के पार पहुंच सकती है। फिलहाल पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तीन की मौत कौशाम्बी जिला अस्पताल और दो की मौत प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में हुई है। 25 से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक है। मलबे में दबने के कारण ईंट और सरिया से गंभीर घाव उनके शरीर पर हो गए हैं। अभी कई लोग मलबे में ही दबे हैं जिनको जेसीबी से खोदाई करके निकालने का कार्य चल रहा है। 

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यूपी कैबिनेट: 74 किमी लंबे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित इन 21 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी https://satyakampost.com/archives/68680 Tue, 04 Aug 2026 11:27:21 +0000 https://satyakampost.com/?p=68680 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम
प्रदेश में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक (वाया बुलंदशहर) बनने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे, 6-लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के आगणन को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस एक्सप्रेसवे को भविष्य की जरूरतों के अनुसार 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रयागराज और चित्रकूट क्षेत्र के समन्वित एवं त्वरित विकास के लिए ‘प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण’ के गठन को हरी झंडी दी गई है। वहीं, प्रदेश के सात प्रमुख स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहित कर उसे बहुउद्देशीय हब विकसित करने हेतु आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक ‘यु-हब स्थापित किए जाएंगे।

सामाजिक कल्याण, योजनाएं और बोर्ड का गठन
सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने राज्य के विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ‘उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत संचालित ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इसके मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन एवं नए परिव्यय को स्वीकृति दी गई है। ग्राम्य विकास विभाग की ‘समुदाय परियोजना’ को सुचारू रूप से चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मेसर्स एच.सी.एल. फाउंडेशन के बीच वर्ष 2015 से चले आ रहे समझौते को आगामी 5 वर्षों के लिए पुनः विस्तारित करने का फैसला लिया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण हेतु फसल बीमा योजना
किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की बेरुखी से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 (खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27) में संपूर्ण प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू किए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है।

शिक्षा, श्रम और प्रशासनिक नियमों में सुधार
प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विधायी फैसले लिए गए। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुपालन में ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004’ में प्रथम संशोधन करने की मंजूरी दी गई। श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत ‘उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’ के प्रख्यापन को स्वीकृति मिली, जबकि ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2020’ को केंद्र सरकार से वापस लिए जाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, राज्य संपत्ति विभाग लेखा संवर्ग (अराजपत्रित) सेवा नियमावली और भूतत्त्व एवं खनिकर्म (समूह ‘क’ एवं ‘ख’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को प्रख्यापित किया गया है। आबकारी विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को विधान मंडल में पेश करने तथा यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति-2017 के तहत मेसर्स आइक्यो सॉल्यूशंस प्रा. लि. को व्यावसायिक परिचालन तिथि में ढील देने की स्वीकृति दी गई।

वित्तीय अनुपूरक अनुदान और सीएजी ऑडिट रिपोर्ट
वित्तीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के अनुपूरक अनुदान तथा तत्संबंधी विनियोग विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान की। इसके साथ ही, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा तैयार की गई वर्ष 2026 की विभिन्न लेखापरीक्षा रिपोर्टों—जिसमें राज्य वित्त, मनरेगा, जल जीवन मिशन, सिविल और राजस्व ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं—को राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व माननीय राज्यपाल महोदया की अनुमति प्राप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

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