मध्य प्रदेश – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Sat, 10 Oct 2026 06:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png मध्य प्रदेश – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 एमपी: प्रदेश के 20,456 निजी स्कूलों को मिलेंगे 502 करोड़ https://satyakampost.com/archives/69541 Sat, 10 Oct 2026 06:15:00 +0000 https://satyakampost.com/?p=69541 मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 502 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अक्टूबर को नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए शैक्षणिक सत्र 2024-25 की राशि निजी स्कूलों के खातों में अंतरित करेंगे।

इससे प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा में मदद मिलेगी। आरटीई के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार संबंधित स्कूलों को करती है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2011 से अब तक 16 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस के लिए 3,600 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री नरसिंहपुर में 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नए भवन का भी लोकार्पण करेंगे। विद्यालय में केजी-1 से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। परिसर में डिजिटल क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, मल्टीपर्पज हॉल और ऑडिटोरियम बनाए गए हैं।

विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान और परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य बेहतर शैक्षणिक वातावरण के जरिए विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक और सर्वांगीण विकास करना है। विद्यालय की छात्रा माही साहू ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 12वीं की मेरिट सूची में स्थान हासिल किया था। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सहित जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहेंगे।

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मध्य प्रदेश: दुबई में एमपी को 53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव https://satyakampost.com/archives/68902 Wed, 09 Sep 2026 11:37:06 +0000 https://satyakampost.com/?p=68902 मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन मंगलवार को निवेश, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीक से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दिनभर उन्होंने अलग-अलग उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में बड़े निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में सभी का स्वागत है।

राणा होल्डिंग्स का 35,200 करोड़ का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर चर्चा हुई। कंपनी ने मध्यप्रदेश में करीब 35,200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं बताईं। कंपनी 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 50 मेगावॉट एआई एवं कंप्यूट डेटा सेंटर, 30,000 एमटीपीए क्षमता के क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब में रुचि दिखा रही है।

एआई फैक्ट्री में 18 हजार करोड़ के निवेश की संभावना
एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी-एससीएनईएलएलसी के निवेशकों के साथ औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस और सॉवरेन एआई फैक्ट्री परियोजना पर भी चर्चा हुई। कंपनी ने 50 मेगावॉट क्षमता वाली एआई फैक्ट्री परियोजना में करीब 1.5 से 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया। इसे भविष्य में 100 मेगावॉट से अधिक क्षमता तक बढ़ाया जा सकता है। जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और आधुनिक शिक्षा परिसरों की स्थापना पर भी चर्चा हुई।

स्वास्थ्य से लेकर लॉजिस्टिक्स तक निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों से मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और मेडिकल-नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। शराफ ग्रुप के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी पर बात हुई। डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार के साथ पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स और निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। वहीं केजीके ग्रुप के साथ डायमंड प्रोसेसिंग, जेम्स एंड ज्वेलरी और निर्यात आधारित इकाइयों की संभावनाएं तलाशीं गईं। विस्टास मीडिया कैपिटल के साथ फिल्म, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट हब पर चर्चा हुई। वीएफएस ग्लोबल के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा सेवा विस्तार तथा पर्यटन-हॉस्पिटैलिटी कौशल विकास पर बातचीत हुई।

शारजाह चैंबर से भी निवेश पर संवाद
मुख्यमंत्री ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, तकनीक, एसएमई, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को जीआईएस-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।

एमपीआईडीसी को मिला ‘विनर एशिया’ सम्मान
एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स-2026 में ‘विनर एशिया’ सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार निवेश बढ़ाने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, रोजगार, नवाचार और सतत विकास में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया। यह सम्मान यूएई के विदेश व्यापार मंत्री और एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने प्रदान किया।

एमार समूह को भी मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री ने एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद अलाब्बार से भी मुलाकात की। उन्होंने इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर सहित प्रदेश में टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी और आधुनिक शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें जीआईएस-2027 में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया।

34 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मिले
दुबई में मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 11 प्रतिशत से अधिक आर्थिक विकास दर, पर्याप्त लैंड बैंक, सड़क-रेल नेटवर्क, आठ सक्रिय हवाई अड्डे, निवेश अनुकूल नीतियां और सिंगल विंडो व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, हरित ऊर्जा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बताईं। उन्होंने निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया और कहा कि “मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।”

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जन्माष्टमी: भगवान बलराम के ‘गर्भ-प्रत्यारोपण’ का पहला प्रमाण आया सामने https://satyakampost.com/archives/68786 Thu, 03 Sep 2026 08:30:18 +0000 https://satyakampost.com/?p=68786 मध्य प्रदेश के सागर स्थित प्रसिद्ध पुरास्थल एरण से भारतीय इतिहास और पुरातात्विक जगत को चौंकाने वाला पांचवीं-छठवीं शताब्दी (गुप्तकाल) का दुर्लभ शिलापट्ट मिला है। लगभग 1700 साल पुराना यह पत्थर संपूर्ण भारत में पहला ऐसा प्रमाण है, जिस पर भगवान बलराम के जन्म और पौराणिक ‘गर्भ-प्रत्यारोपण’ की कथा को तीन जीवंत दृश्यों में उकेरा गया है। पुरातन स्थल एरण में अनेक उत्खनन कार्यों में सहभागी रहे सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नागेश दुबे तथा उनके सहयोगी डॉ. मोहन लाल चढ़ार ने एरण में मिले इन शिलाफलकों का विश्लेषण किया है।

अश्विनी कुमार और प्राचीन ‘गर्भ-प्रत्यारोपण’:
पौराणिक कथा के अनुसार देवकी के सातवें गर्भ को माता रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित किया गया था। शिलापट्ट पर इस प्रक्रिया में सहायता करते देवताओं के चिकित्सक ‘अश्विनी कुमारों’ को दो अश्वमुख (घोड़े के चेहरे) वाली आकृतियों में दर्शाया गया है।

पांच फीट लंबे शिलापट्ट पर उकेरे गए तीन अलौकिक दृश्य
क्षीरसागर में शेषशायी विष्णु: प्रथम दृश्य में भगवान विष्णु क्षीरसागर (8 लहरों के रूप में चित्रित) में 7 फणों वाले शेषनाग की शय्या पर लेटे हैं। नाभि-कमल पर ब्रह्मा जी और चरणों में माता लक्ष्मी विराजित हैं, जबकि वासुदेव और देवकी हाथ जोड़कर विष्णुधर्मोत्तर पुराण की परंपरा के अनुसार स्तुति करते दिख रहे हैं।

माता रोहिणी का वात्सल्य:
तीसरे दृश्य में लेटी हुई माता रोहिणी नवजात बलराम को स्तनपान करा रही हैं। उनका सिर माता यशोदा की गोद में है। पास ही नंद बाबा, वृद्ध सेविका और सुंदर आभूषणों-केशविन्यास से सजी नारी आकृतियों के साथ संपूर्ण नंदगांव का मनमोहक वातावरण उकेरा गया है।

भारतीय कला और विज्ञान का अनमोल साक्ष्य
एरण पुरास्थल से पहले भी बलराम जी की हल और सुरा-पात्र (मदिरा) धारण की हुई गुप्तकालीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। हालांकि, यह नया शिलापट्ट यह साबित करता है कि 1700 साल पहले भी भारतीय शिल्पकला में पौराणिक कथाओं के साथ-साथ गूढ़ जैविक प्रक्रियाओं को उकेरने की अद्भुत क्षमता थी। इतिहास और संस्कृति के शोधकर्ताओं के लिए यह खोज एक अनमोल धरोहर बन गई है।

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सीएम यादव बोले-भारत में हथियारों के बल पर डराने वालों को आखिरी सलाम मिला https://satyakampost.com/archives/67835 Sun, 12 Jul 2026 10:18:27 +0000 https://satyakampost.com/?p=67835 इंदौर के समीप बुढ़ानिया में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हथियारों के बल पर डराने वालों को करारा जवाब मिला है।

इंदौर के समीप बुढ़ानिया में ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए कहा कि बीएसएफ ने लाल सलाम को आखिरी सलाम में बदला है। वर्तमान के लोकतांत्रिक देश में हथियारों के बल पर अब कोई डरा नहीं सकता। ऐसे लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास करना ही होगा। हथियारों के बल पर डराने वालों को जवाब मिल चुका है। पूरे देश में नक्सलवाद का खात्मा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर अतीत के गौरव के कारण भी जाना जाता है। देवी अहिल्या ने जगह-जगह बावड़ियां और घाट बनवाए। हमारी सरकार ने जल संरक्षण के काम किए। पुराने तालाबों और बावड़ियों को संवारा। इस बार तीन माह तक जल संरक्षण अभियान चलाया गया। इंदौर पहाड़ों पर हरियाली की चादर ओढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। मालवा अंचल को नदियों का आशीर्वाद है।

गंगा बेसिन की नदियां गंभीर, चंबल और शिप्रा इंदौर के आसपास से निकलती हैं और गंगा में जाकर मिलती हैं। हमें गर्व है कि धरती की ये बेटियां हमारे अंचल से निकलती हैं। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में अल नीनो तूफान का खतरा भी दिखाई दे रहा है, लेकिन इन सभी खतरों का मुकाबला करने के लिए पेड़ों की बड़ी भूमिका रहती है। ये ऋषि-मुनियों की तरह एक ही जगह खड़े रहकर तपस्या करते हैं और हमें फल देते हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक दिशा कैसी हो, यह इंदौर तय करता रहा है, लेकिन अब प्रदेश का पर्यावरण कैसा हो, यह भी इंदौर से तय होगा। यहां लगातार हरियाली का ध्यान रखा जा रहा है। पहले 12 लाख पौधे लगाकर विश्व कीर्तिमान बनाया और अब 17 लाख पेड़ लगाए जा रहे हैं।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में पहले साढ़े 15 लाख पेड़ लगाए थे। इस बार हम साढ़े 22 लाख पेड़ लगा रहे हैं। इंदौर में अब जगह बची नहीं है। हम पथरीली जमीन पर बड़े पेड़ लगा रहे हैं। इंदौर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सर्वाधिक पेड़ लगाए गए हैं।

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इंदौर विकास कार्यक्रम टला: सीएम मोहन यादव की व्यस्तता बनी वजह https://satyakampost.com/archives/67437 Thu, 02 Jul 2026 07:51:22 +0000 https://satyakampost.com/?p=67437 इंदौर के विकास को लेकर शहर में तीन जुलाई को होने वाला कार्यक्रम टल गया। इसकी वजह मुख्यमंत्री मोहन यादव की व्यस्तता बताई जा रही है। अब नए सिरे से तिथि की घोषणा की जाएगी। इस आयोजन के लिए ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर बुक कर लिया गया था और शहर के गणमान्य नागरिकों को कार्ड भी बांट दिए गए थे। कार्यक्रम की घोषणा और उसके टलने को भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लेटर कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में सियासत तेज हो गई है और कांग्रेस की तरफ से भी बयान आने लगे हैं।

मंत्री विजयवर्गीय ने जताई थी आपत्ति
इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा को लेकर 20 जून को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी थी। पत्र में शहर के साथ हो रहे भेदभाव, परियोजनाओं में देरी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र किया गया था।

उन्होंने पत्र में लिखा था कि ढाई साल से इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा से आहत हूं। इन वर्षों के दौरान उपेक्षा और असहयोग ही मिला है। मंत्री ने यह भी कहा था कि शहर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाना उनकी विवशता होगी। मंत्री ने मास्टर प्लान में देरी, एयरपोर्ट विस्तार की कवायद न होने, पीथमपुर के बजाय विक्रमपुरी में नए सेंटर खोले जाने जैसी बातों का भी पत्र में उल्लेख किया था।

नई तिथि घोषित होगी
इंदौर में उम्मीदों का शहर इंदौर थीम पर सांसद शंकर लालवानी ने एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम तीन जुलाई को होना था। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि फिलहाल कार्यक्रम टल गया है। नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।

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