हरियाणा – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Sat, 10 Oct 2026 06:38:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png हरियाणा – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 सीएम सैनी का बड़ा ऐलान: अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने पर सब्सिडी https://satyakampost.com/archives/69544 Sat, 10 Oct 2026 06:38:36 +0000 https://satyakampost.com/?p=69544 हरियाणा मंत्रिपरिषद की आज होने वाली बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत सालाना एक लाख रुपये तक की पारिवारिक आय की शर्त को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये किया जा सकता है।

वहीं, सामाजिक विकास से जुड़े कुछ खास मानकों के आधार पर यह सीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये सालाना करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा लाभार्थियों को मिलने वाली राशि चुनने का विकल्प खत्म करने व हर तीन महीने में जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा कराने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके अलावा स्थानीय निकायों को धनराशि जारी करने समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।

मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष राजदीप सिंह को बड़ी राहत देने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। हुड्डा की चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित सरकारी कोठी पर लगे 27.17 लाख रुपये के दंडात्मक किराये को माफ करने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है।

पिछले विधानसभा सत्र में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में सरकारी कोठी आवंटित की गई थी। 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने करीब एक साल बाद उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया। इस बीच, विधायक से नेता प्रतिपक्ष बनने तक की अवधि में सरकारी आवास तय समय से अधिक इस्तेमाल करने के कारण उन पर 27.17 लाख रुपये का दंडात्मक किराया लगाया गया। करीब सात महीने पहले हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में हुड्डा के कार्यालय की ओर से इस राशि को माफ करने का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन उस समय इस पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके अलावा राजदीप सिंह के पंचकूला स्थित सरकारी आवास को तय अवधि से अधिक समय तक इस्तेमाल करने पर लगे 38.47 लाख रुपये के दंडात्मक किराये को माफ करने पर भी विचार होगा।

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हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: रबी फसलों पर बढ़ी एमएसपी https://satyakampost.com/archives/69437 Tue, 06 Oct 2026 09:31:00 +0000 https://satyakampost.com/?p=69437 रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से हरियाणा के किसानों को मौजूदा सरकारी खरीद के आधार पर करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा फायदा सरसों और गेहूं उत्पादकों को होगा। सरसों की सरकारी खरीद करीब 13 लाख टन तक पहुंचने पर कुल अतिरिक्त लाभ बढ़कर करीब 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

सरसों पर 413 रुपये प्रति क्विटंल मिलेंगे अधिक
सरसों का एमएसपी 6,200 से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। यानी किसानों को प्रति क्विंटल 413 रुपये अधिक मिलेंगे। राज्य में करीब 8 लाख टन सरसों की खरीद होने पर अतिरिक्त लाभ करीब 330 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। खरीद 13 लाख टन पहुंचने पर अकेले सरसों किसानों को करीब 537 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।

सरसों उत्पादन में सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी प्रमुख जिले हैं। गेहूं का एमएसपी 2,585 से बढ़ाकर 2,610 रुपये किया गया है। करीब 72 लाख टन सरकारी खरीद के आधार पर किसानों को लगभग 180 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के हिसाब से प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये अतिरिक्त लाभ का अनुमान है। वहीं 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं पर यह औसत करीब 12,700 रुपये बैठता है।

अन्य फसलों के भी बढ़े दाम
कुसुम के दाम सबसे ज्यादा बढ़े जौ का एमएसपी 2,150 से 2,286, चना 5,875 से 5,958, मसूर 7,000 से 7,390 और कुसुम 6,540 से 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। कुसुम के दाम में सबसे अधिक 675 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

एमएसपी बढ़ने से गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि चना, मसूर और कुसुम का वास्तविक लाभ सरकारी खरीद की मात्रा और बाजार भाव पर निर्भर करेगा।

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हरियाणा में अब बढ़ेगी किसानों की आय… इन फसलों की खेती पर सरकार देगी सब्सिडी https://satyakampost.com/archives/69250 Mon, 28 Sep 2026 10:02:21 +0000 https://satyakampost.com/?p=69250 हरियाणा सरकार ने राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से ‘बागवानी फसल की खेती के लिए सब्सिडी का प्रावधान’ योजना लागू की है। इस मामले पर जानकारी देते हुए हरियाणा बागवानी विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार राज्य में किसानों को फल, सब्ज़ी, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों की खेती के लिए अच्छी-खासी सब्सिडी दे रही है। इस योजना के तहत आवेदन और ग्रांट (अनुदान) के लिए सीमाएं तय की गई हैं; नए फलों के बाग लगाने और मसालों की खेती के लिए 5 एकड़ तक के लिए लाभ लिया जा सकता है। सब्ज़ी की खेती के लिए, सामान्य श्रेणी के किसान 5 एकड़ तक और अनुसूचित जाति श्रेणी के किसान 1 एकड़ तक लाभ उठा सकते हैं, जबकि फूलों और सुगंधित पौधों की खेती के लिए सीमा 5 एकड़ तय की गई है। 

ग्रांट की रकम के बारे में और जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि नए बाग लगाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ ₹24,500 से ₹1,40,000 तक का ग्रांट मिलेगा। सब्ज़ी की खेती के लिए, सामान्य श्रेणी को प्रति एकड़ ₹15,000 और अनुसूचित जाति श्रेणी को प्रति एकड़ ₹25,500 का ग्रांट दिया जाएगा; यह ग्रांट तभी मिलेगा जब मल्चिंग, लो टनल, ड्रिप सिंचाई या बांस की स्टैकिंग जैसे इंटीग्रेटेड मॉडल अपनाए जाएंगे। इसी तरह, मसालों की खेती के लिए प्रति एकड़ ₹15,000 से ₹30,000, फूलों की खेती के लिए प्रति एकड़ ₹8,000 से ₹40,000 और सुगंधित पौधों की खेती के लिए प्रति एकड़ ₹8,000 तक के ग्रांट का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, ग्रांट की पूरी रकम सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। 

प्रवक्ता ने आगे बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल और ‘हॉर्टनेट’ पर रजिस्ट्रेशन करना ज़रूरी है। इसके अलावा, आवेदकों के पास अपनी निजी जानकारी, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते की पूरी जानकारी (खाता नंबर, बैंक का नाम, ब्रांच और IFSC कोड) और अगर लागू हो तो अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट होना चाहिए। राज्य के सभी इच्छुक किसानों से इस योजना का पूरा लाभ उठाने का आग्रह करते हुए, प्रवक्ता ने बताया कि विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित ज़िला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल कर सकते हैं।

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हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: इन 6 जिलों में बारिश के आसार https://satyakampost.com/archives/69226 Fri, 25 Sep 2026 11:02:37 +0000 https://satyakampost.com/?p=69226 हिसार: हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के 6 जिलों में बारिश के आसार जताए गए हैं, और आज से आगामी 4 दिनों तक मौसम का मिजाज खराब बना रहेगा। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।   
 
मौसम विभाग के अनुसार, खासकर उत्तरी हरियाणा के जिलों जैसे अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र समेत कुल 6 जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में यह बदलाव एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आ रहा है, जिसका प्रभाव 27 से 29 सितंबर के दौरान राज्य में साफ तौर पर देखने को मिलेगा। इस बदलाव से दिन के तापमान में गिरावट और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।

  बरसात की गतिविधियों से पहले राज्य के कई हिस्सों में चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। हालिया तापमान आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी और पसीने से आम जनजीवन प्रभावित नजर आया, हालांकि आगामी बारिश के दौर से तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।  

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हरियाणा ने प्रदूषण पर कसी कमर: 12 एसटीपी परियोजनाओं पर काम तेज https://satyakampost.com/archives/68920 Thu, 10 Sep 2026 10:11:55 +0000 https://satyakampost.com/?p=68920 हरियाणा के गांवों में भी अपशिष्ट जल प्रबंधन पर काम हो रहा है। पांच परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि सात पर काम जारी है।

दिल्ली-एनसीआर की खराब होती हवा के बीच हरियाणा ने प्रदूषण रोकने के लिए सीवेज से लेकर पराली और वाहनों के धुएं तक कई मोर्चों पर काम तेज किया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीरवार को यमुना एक्शन प्लान और एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को लंबित काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

यमुना बेसिन में 132 एमएलडी क्षमता के छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जा रहे हैं। बजघेड़ा, खेड़वा, रादौर रोड, ददलाना, बादशाहपुर और सोढापुर की इन परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा गोहाना, सुनारिया, लाइन पार बहादुरगढ़, हसनपुर, धनवापुर और बहरामपुर में 304 एमएलडी क्षमता के छह एसटीपी के उन्नयन का काम चल रहा है।

औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए फरीदाबाद के प्रतापगढ़ में 50 एमएलडी क्षमता के साझा औद्योगिक अपशिष्ट उपचार संयंत्र के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। पानीपत में ड्रेन नंबर-2 में औद्योगिक अपशिष्ट का प्रवाह रोकने के लिए 14 इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें चार के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

गांवों में भी अपशिष्ट जल प्रबंधन पर काम हो रहा है। पांच परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि सात पर काम जारी है। सोनीपत के राय-जाखौली में 400 टन प्रतिदिन क्षमता का बायोगैस संयंत्र निर्माणाधीन है।

हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पुराने ट्रक और बस बदलने की योजना का पोर्टल शुरू हो चुका है। पराली जलाने से रोकने के लिए खेत में और खेत से बाहर, दोनों स्तरों पर प्रबंधन पर जोर है। छोटे जैव ईंधन संयंत्रों को बढ़ावा देने की तैयारी है। वहीं वन विभाग को पौधारोपण और छोटे हरित क्षेत्रों के विकास में तेजी लाने को कहा गया है।

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