राष्ट्रीय – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Sat, 10 Oct 2026 11:19:11 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png राष्ट्रीय – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 तमिलनाडु में मिला 3200 साल पुराना कटोरा https://satyakampost.com/archives/69550 Sat, 10 Oct 2026 11:19:11 +0000 https://satyakampost.com/?p=69550 तमिलनाडु में सेलम के पास मेट्टूर बांध के जलमग्न क्षेत्र तेलुंगनूर में खुदाई के दौरान काले और लाल रंग की एक साबुत प्राचीन कटोरा मिला है। इसके साथ ही लोहे के हथियार, तांबे की वस्तुएं और एक संभावित स्टील की तलवार भी निकला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज 3200 साल से भी अधिक पुरानी लेखन प्रणाली या लिपि से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है। तमिलनाडु पुरातत्व विभाग द्वारा खोजी गई इस कटोरी पर बाएं से दाएं पांच ग्राफिती अंकित हैं। राज्य में अब तक मिली कलाकृतियों पर दर्ज निशानों में यह सबसे लंबी श्रृंखला है।

पुरातत्वविदों का मानना है कि यह लिपि का कोई शुरुआती रूप हो सकता है, क्योंकि एक अन्य कटोरी पर भी यही पांचों चिह्न अलग क्रम में मिले हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व की तमिल-ब्राह्मी लिपि का शुरुआती रूप हो सकता है।

सिंधु घाटी सभ्यता से गहरा संबंध
सेलम के पास स्थित तेलुंगनूर और मांगाडू लौह युग के दो जुड़वां स्थल हैं, जिनका समय 1600 ईसा पूर्व से 1200 ईसा पूर्व के बीच का माना गया है। यह कालखंड सिंधु घाटी सभ्यता का अंतिम दौर था।

तमिलनाडु पुरातत्व विभाग के सलाहकार के. राजन ने बताया कि 1960 के दशक में भारतीय पुरातत्व विभाग को चेंगलपट्टू के पास सानूर में अलग-अलग क्रम में तीन ग्राफिती चिह्न मिले थे। अब दो अलग-अलग क्रमों में पांच-पांच चिह्न मिले हैं, जिनका अर्थ समझना अभी बाकी है।

तमिलनाडु में अब तक कई स्थलों से करीब 16000 ग्राफिती वाले मिट्टी के बर्तन के टुकड़े मिल चुके हैं। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, कोडुमनाल, कीलाडी, थुलुक्कड़पट्टी और किलनामंडी जैसे तमिलनाडु के स्थलों और सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों पर मिले चिह्नों में 90 प्रतिशत तक समानता है।

सिंधु घाटी सभ्यता का अस्तित्व 3300 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है। इसके अलावा, तमिल-ब्राह्मी शिलालेखों और बर्तनों पर अक्षरों के अंत में बने चिह्न भी प्राचीन संचार व्यवस्था की ओर इशारा करते हैं।

कई दुर्लभ और प्राचीन हथियार भी मिली
इस स्थान से केवल मिट्टी के बर्तन ही नहीं, बल्कि कई दुर्लभ और प्राचीन हथियार भी मिली हैं। उत्खनन निदेशक एस. परनथामन के अनुसार, यहां से 1.9 मीटर लंबा लोहे का भाला मिला है।

इसके अलावा तीर के अग्रभाग, कुल्हाड़ियां, तलवारें, कटार, चाकू और लोहे की कीलें भी मिली हैं। विशेषज्ञों को यहां एक बेहद प्राचीन स्टील की तलवार मिलने का भी संदेह है।

यह स्थल पहले भी काफी चर्चा में रहा है, जब यहां से मिली एक स्टील की तलवार की कार्बन डेटिंग 1200 ईसा पूर्व तय की गई थी। इसे दुनिया की सबसे पुरानी स्टील की तलवारों में से एक माना जाता है।

लौह युग के कंकाल और चार प्रकार की दफनाने की प्रथाएं

उत्खनन के दौरान पुरातत्वविदों को यहां लौह युग के दो इंसानों के पूरे कंकाल भी मिले हैं। इसके अलावा, इस एक ही स्थल पर दफनाने की चार अलग-अलग पद्धतियां गड्ढा/पिट, पाषाण पेटिका/सिट, अस्थि कलश/अर्न और शव-मंजूषा/सरकोफैगस देखने को मिली हैं।

निदेशक परनथामन का कहना है कि एक ही जगह पर चार प्रकार की दफन प्रणालियों का मिलना यह दर्शाता है कि यहां एक विविधतापूर्ण समाज निवास करता था। यह इस बात का भी प्रमाण है कि यह स्थान शुरुआती लौह युग से विकसित होकर उत्तर लौह युग तक निरंतर समृद्ध रहा।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई रेगुलेशन पर किया बड़ा एलान https://satyakampost.com/archives/69521 Fri, 09 Oct 2026 06:35:25 +0000 https://satyakampost.com/?p=69521 आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सरकार एक महीने के भीतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के रेगुलेशन पर परामर्श पत्र जारी करेगी। इसमें एआई सुरक्षा, डीपफेक, मानव-केंद्रित दृष्टिकोण जैसे प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परामर्श पत्र एआई के रेगुलेशन के लिए बुनियाद का काम करेगा और अब समय आ गया है कि भारत में इस तरह की रूपरेखा तैयार की जाए।

वैष्णव ने विश्व विकास रिपोर्ट जारी किए जाने के मौके पर कहा- ‘मैं मंत्रालय से अनुरोध करूंगा कि वह नियमन पर केंद्रित एक परामर्श पत्र लेकर आए, जिसमें सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए। एआई के उपयोग से जुड़ी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।’

उन्होंने कहा कि परामर्श पत्र में डीपफेक समेत एआई से होने वाले नुकसान, मानव-केंद्रित दृष्टिकोण और कौशल विकास जैसे विषय भी शामिल होंगे।

वैष्णव ने डीपफेक को एक ऐसी परेशानी बताया जोकि समाज में बड़ी समस्याएं पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि चिंताजनक यह है कि डीपफेक की गुणवत्ता में हर दिन सुधार भी हो रहा है।

उन्होंने कहा- ‘लोग उन पर विश्वास करते हैं और इससे पूरी तरह गलत परंपरा बनती है। यह पूरी तरह गलत धारणा पैदा करता है और लोगों को गलत काम करने तथा गलत बातों पर विश्वास करने के लिए उकसाता है।’

बता दें कि डीपफेक, एआई और डीप लर्निंग से बनाया गया ऐसा डिजिटल वीडियो, आडियो या फोटो होता है, जोकि पूरी तरह से नकली होने के बावजूद बिल्कुल असली जैसा लगता है।

वैष्णव ने कहा कि एआई और अन्य प्रौद्योगिकियों को केवल कानून के जरिये नियंत्रित नहीं किया जा सकता। हमें प्रौद्योगिकी और कानूनी उपायों को मिलाकर समाधान निकालना होगा। इस प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर चलना होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में उद्योग को मुख्य जिम्मेदारी उठानी होगी।

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए 10 हजार से ज्यादा लोग https://satyakampost.com/archives/69518 Fri, 09 Oct 2026 06:07:04 +0000 https://satyakampost.com/?p=69518

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ये एलान कर चुकी है कि 10 अक्टूबर को वे दिल्ली के जंतर-मंतर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रोटेस्ट करने जा रहे हैं।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने इस प्रदर्शन से पहले आज शुक्रवार को दावा किया है कि प्रोटेस्ट से पहले देशभर में कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रस्तावित प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, ‘क्यों न सीधे इमरजेंसी ही घोषित कर दी जाए?

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक सभाओं पर लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की।

दीपके ने कहा, ‘जंतर-मंतर भारत के लोगों का है, यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नहीं है। अगर मुंबई और बेंगलुरु में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं, तो अमित शाह दिल्ली में इसकी इजाजत क्यों नहीं दे रहे हैं?’

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में पार्टी के सदस्यों और आंदोलन में शामिल युवाओं को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हममें से कोई भी गिरफ्तारी या हिरासत से नहीं डरता। हमारे बिना भी यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।’

CJP ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में पुणे के वे छात्र भी शामिल थे जो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आ रहे थे। पार्टी के अनुसार, छात्रों को बस में बिठाकर किसी अज्ञात जगह ले जाया जा रहा था।

पार्टी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान भी शामिल थे, जिन्हें गुरुवार को पुलिस हिरासत में लिया गया और उसी रात बाद में रिहा कर दिया गया।

दिल्ली पुलिस या किसी और सोर्स ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

SIR को लेकर बवाल

दीपके ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। वहीं उन्होंने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से वोटिंग के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।

दीपके ने कहा, ‘SIR (सिस्टमैटिक इलेक्टोरल रोल अपडेशन) सबसे बड़ा घोटाला है जिसे केंद्र सरकार यानी BJP की सरकार भारत में लोकतंत्र को खत्म करने के लिए अंजाम दे रही है।’

CJP के संस्थापक ने कहा, ’10 अक्टूबर को होने वाले मार्च का मकसद वोट हटाने के मामले के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराना होगा।’

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सिर्फ हथियार नहीं, डेटा-ड्रोन से दुश्मनों को थका रही IAF: वायुसेना दिवस पर बोले पीएम मोदी https://satyakampost.com/archives/69488 Thu, 08 Oct 2026 05:35:37 +0000 https://satyakampost.com/?p=69488 देश आज गुरुवार, 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम वीडियो संदेश दिया है। पीएम मोदी ने वायुसेना के पराक्रम की तारीफ की।

प्रधानमंत्री मोदी ने वायुसेना दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में पीएम ने आसमान में भारत की ताकत के बारे में बताया।

डेटा-ड्रोन से ऑपरेशन सिंदूर तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश में कहा, ‘8 अक्टूबर को हम वायुसेना दिवस मनाते हैं। देश के लिए अपनी सेवा देने वाले सभी एयर वॉरियर और उनके परिवारों का मैं अपने हृदय की गहराई से अभिनंदन करता हूं।’

पीएम ने आगे कहा, ‘आसमान की बातें तो निराली होती ही हैं, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि आसमान में अपनी शक्ति का परिचय दे करके भारतीय वायुसेना ने हर देशवासी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हमें सुरक्षा का अहसास दिलाया है।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘बीते दशक में एयरफोर्स सहित हमारी सभी सेनाओं के पास दुनिया की श्रेष्ठ टेक्नोलॉजी पहुंची है। भारत की वायुसेना अब सिर्फ हथियारों से ही नहीं, डेटा और ड्रोन से भी दुश्मन को थकाने में माहिर हो रही है।’

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर का एक-एक क्षण भारत की सेनाओं के सामर्थ्य की गवाही देता है। भारत माता की जय।’

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दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन! https://satyakampost.com/archives/69485 Thu, 08 Oct 2026 05:25:25 +0000 https://satyakampost.com/?p=69485 हिंदी सिनेमा के जाने-माने और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया है। नाना ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। गोवा स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से उनका यह अचानक निधन हुआ।

इसी बीच नाना पाटेकर के निधन को लेकर मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर साल्कर का बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे नाना की जब तबीयत बिगड़ी तो वो पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और फिर उन्होंने क्या किया?

नाना ने अपने दोस्त को भेजा मैसेज..
डॉक्टर ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजा था कि उन्हें अच्छा नहीं लग रहा…तबीयत ठीक नहीं है। चूंकि रात का वक्त था, इसलिए उनके दोस्त ने वह मैसेज तुरंत नहीं देखा और बाद में उन्हें फोन किया।

इसके बाद नाना के दोस्त रात करीब 4:00 बजे उनके घर पहुंचे। तब उन्होंने देखा कि नाना पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और धीरे-धीरे अचेत हो रहे थे। इसके बाद उन्होंने उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा और अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई गई।

जब नाना के घर पहुंची इमरजेंसी टीम
डॉक्टर ने बताया कि जब अस्पताल की इमरजेंसी टीम वहां पहुंची, तब तक वे पूरी तरह से अंसवेदनशील हो चुके थे। टीम ने मौके पर ही कार्डियक मसाज शुरू कर दी और सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच उन्हें अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने भी पूरी कोशिश की लेकिन वे उन्हें बचा नहीं पाए।

45 मिनट के सीपीआर से भी नहीं बची जान
डॉक्टर साल्कर के अनुसार, नाना पाटेकर को अस्पताल ‘ब्रॉट डेड’ यानी मृत अवस्था में लाया गया था और सुबह करीब 5:30 बजे तक उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया। साल्कर ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लगातार 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज (CPR) भी दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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