इंडोनेशिया – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Sun, 31 Dec 2023 07:39:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png इंडोनेशिया – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 इंडोनेशिया में महसूस किए गए भूकंप के झटके… https://satyakampost.com/archives/23157 Sun, 31 Dec 2023 07:39:06 +0000 https://satyakampost.com/?p=23157 द्वीप देश इंडोनेशिया में भूंकप के भीषण झटके महसूस किए गए। मौसम एजेंसी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.5 आंकी गई है। भूकंप इंडोनेशिया के पापुआ इलाके में महसूस किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार के जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वे ने बताया कि 6.5 तीव्रता का भूकंप पापुआ राज्य की राजधानी जयापुरा के करीब महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 10 किलोमीटर है। इंडोनेशियाई मौसम-जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने बताया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप का असर जमीनी क्षेत्र पर है।

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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