एस जयशंकर – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Mon, 19 Feb 2024 06:32:47 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png एस जयशंकर – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने फलस्तीनी समकक्ष मलिकी से की मुलाकात https://satyakampost.com/archives/25900 Mon, 19 Feb 2024 06:32:47 +0000 https://satyakampost.com/?p=25900 विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को म्यूनिख में अपने फलस्तीनी समकक्ष रियाद अल-मलिकी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने गाजा की ताजा स्थिति पर चर्चा की।

गाजा की मौजूदा स्थिति पर हुई चर्चा 

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि फलस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी से मिलकर अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि हमनें इस दौरान गाजा की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

हमास के हमले को बताया था आतंकवादी हमला

मालूम हो कि विदेश मंत्री इस समय प्रतिष्ठित सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी के म्यूनिख में हैं। वहीं, इससे पहले इजरायल पर सात अक्टूबर को हमासा के हमले उन्होंने आतंकवाद कृत्य करार दिया था। उन्होंने कहा था कि हमें स्पष्ट होना चाहिए कि 7 अक्टूबर को जो हुआ वह आतंकवाद था।

]]>
ड्रैगन के साथ संबंधों को लेकर एस जयशंकर की दो टूक https://satyakampost.com/archives/23327 Thu, 04 Jan 2024 05:22:38 +0000 https://satyakampost.com/?p=23327 विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को चीन के साथ भारत के संबंधों पर विचार किया। उन्होंने ऐतिहासिक बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे अधिक भारत केंद्रित दृष्टिकोण चीन के साथ अपने संबंधों को अलग तरह से आकार दे सकता था।

जयशंकर ने कहा, यदि हम ज्यादा भारत होते, तो चीन के साथ हमारे संबंधों के बारे में कम गुलाबी नजरिया होता। राष्ट्रीय राजधानी में अपनी पुस्तक ‘व्हाई भारत मैटर्स’ के विमोचन के अवसर पर जयशंकर ने कहा, जिन तीन देशों-पाकिस्तान, चीन और अमेरिका को लेकर मैंने बात की है, उनके साथ शुरुआती वर्षों में वास्तव में हमारे संबंध बहुत विवादित थे।

जयशंकर ने चीन पर भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच नोट और पत्रों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए ऐतिहासिक रिकार्ड का हवाला दिया। उन्होंने चीन के साथ संबंधों पर भारत के शुरुआती रुख की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए दोनों नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए बिल्कुल अलग-अलग विचारों का उल्लेख किया।

पिछले 10 साल परिवर्तनकारी रहे हैं

भाजपा नीत सरकार के तहत अपने 10 साल के कार्यकाल को ”परिवर्तनकारी” बताते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय से जब भारतीयों को वीजा के संबंध में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, आज कई देश कार्यस्थल की गतिशीलता का पता लगाने के लिए स्वयं नई दिल्ली का अनुसरण कर रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज आपूर्ति श्रृंखलाओं और डिजिटल प्रवाह के अलावा वैश्विक कार्यस्थल के क्षेत्र में भी एक बड़ा अवसर मौजूद है। जयशंकर ने अपनी पुस्तक ‘व्हाई भारत मैटर्स’ में अनुच्छेद 370 से लेकर भारत की सीमा स्थिति (विशेषकर चीन के साथ एलएसी) समेत उन तमाम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की है, जिनसे वह जुड़े रहे हैं।

जयराम ने कहा- जयशंकर ने बौद्धिक ईमानदारी खो दी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को ‘नेहरू की चीन नीति’ पर टिप्पणी के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर की आलोचना की और कहा कि जयशंकर ने सभी बौद्धिक ईमानदारी और निष्पक्षता खो दी है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जयराम ने लिखा कि विदेश मंत्री एक ‘नव-धर्मांतरित’ व्यक्ति हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, जब भी मैं विद्वान और तेज-तर्रार विदेश मंत्री द्वारा नेहरू पर दिए गए बयानों को पढ़ता हूं, तो मैं केवल उन अनगिनत परिक्रमाओं को याद कर सकता हूं जो वह अपनी शानदार पोस्टिंग के लिए नेहरूवादियों के आसपास किया करते थे।

]]>