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	<title>मंत्री &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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	<title>मंत्री &#8211; Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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		<title>मंत्री का साला निकला भूमाफिया, 2596 करोड़ के बड़े घोटाले का है मामला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jan 2024 05:57:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[भूमाफिया]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के आगरा में बैनारा फैक्टरी के पास चार बीघा जमीन पर कब्जा कराने के खेल में पर्दे के पीछे एक मंत्री का नाम आने से राजनीतिक पारा गर्म है। दूसरी तरफ मंत्री का साला जोंस मिल कांड की जांच में भूमाफिया साबित हो चुका है। साले ने कब्जे के आधार पर 305 वर्ग &#8230;]]></description>
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<p>उत्तर प्रदेश के आगरा में बैनारा फैक्टरी के पास चार बीघा जमीन पर कब्जा कराने के खेल में पर्दे के पीछे एक मंत्री का नाम आने से राजनीतिक पारा गर्म है। दूसरी तरफ मंत्री का साला जोंस मिल कांड की जांच में भूमाफिया साबित हो चुका है। साले ने कब्जे के आधार पर 305 वर्ग मीटर सरकारी भूमि 62 लाख में बेची थी।</p>



<p>आगरा के इतिहास में जीवनी मंडी में 2596 करोड़ रुपये की 100 बीघा से अधिक भूमि का सबसे बड़ा घोटाला हुआ था। 29 जुलाई 2020 को जमीन पर कब्जे के लिए मिल में विस्फोट हुआ। जिसके बाद तत्कालीन डीएम प्रभु एन सिंह ने आठ अधिकारियों की टीम से छह महीने तक जांच कराई।</p>



<p>इसमें जोंस मिल के मालिक जॉर्ज एंथनी जॉन के साझीदार मुन्नीलाल मेहरा, हीरालाल पाटनी और गंभीरमल पांड्या के वारिसों ने सरकारी, नजूल, नहर, नगर निगम, पुलिस व लीज भूमि को खुर्दबुर्द करने का खुलासा हुआ। जांच में मंत्री का साला सरदार कंवलदीप सिंह के साथ रज्जो जैन उर्फ राजेंद्र प्रसाद व हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन भूमाफिया निकले। मंत्री के साले को पुलिस ने जेल भेजा।</p>



<p>अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इसके बाद सत्ता धारी के प्रभाव में जांच आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर हो गई। करीब दो साल से जांच ठप है। जोंस मिल कांड में कई माननीय का संरक्षण भूमाफिया को मिला। बदले में भूमाफिया ने माननीयों को जमीन उपहार में बांटी। माननीयों के नाम सार्वजनिक होने से पहले ही जांच दब गई।</p>
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		<title>विधायक ने मंत्री के सामने फाड़ा जांच का आदेश, समर्थकों के साथ धरने पर बैठे</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/23283</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jan 2024 06:22:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी जिले]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[विधायक]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तरकाशी जिले के दो अलग-अलग वन प्रभागाें में तैनात डीएफओ दंपती को हटवाने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा के पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के बीच तीखी बहस हो गई। बात यहां तक बढ़ गई कि जिस कागज पर वन मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे, विधायक ने मंत्री के &#8230;]]></description>
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<p>उत्तरकाशी जिले के दो अलग-अलग वन प्रभागाें में तैनात डीएफओ दंपती को हटवाने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा के पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के बीच तीखी बहस हो गई। बात यहां तक बढ़ गई कि जिस कागज पर वन मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे, विधायक ने मंत्री के सामने ही वह कागज फाड़कर हवा में उछाल दिया। इसके बाद अपने समर्थकों के साथ मंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। देर शाम विधायक मुख्यमंत्री से मिले और पूरे प्रकरण से अवगत कराया।</p>



<p>उत्तरकाशी जिले के तहत यमुना घाटी के गोविंद वन्यजीव विहार एवं राष्ट्रीय पार्क और अपर यमुना टौंस वन प्रभाग में डीएफओ दंपती कार्यरत हैं। विधायक दुर्गेश्वर लाल का आरोप है कि दोनों डीएफओ जानबूझकर उनके लोगों को परेशान कर रहे हैं। विकास के कार्यों पर जानबूझकर अड़ंगा लगा रहे हैं। टूर ऑपरेटरों को भी परेशान किया जा रहा है। उनके लोगों पर मुकदमा दर्ज कराए जा रहे हैं।</p>



<p>इसी बात की शिकायत लेकर पुरोला विधायक मंगलवार सुबह कुछ लोगों के साथ वन मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पर पहुंचे। उन्होंने वन मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। वन मंत्री ने प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक को भी मौके पर बुला लिया। वन मंत्री ने विधायक के ज्ञापन पर ही प्रकरण की जांच के लिए सीसीएफ गढ़वाल को लिख कर हॉफ को सौंप दिया। यह देख विधायक ने मंत्री के सामने ही हॉफ के हाथों से आदेश का कागज छीनकर फाड़ दिया। इसके बाद सभी नारेबाजी करते हुए बाहर आ गए और मंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।</p>



<p><strong>मंत्री पर वन विभाग को ईस्ट इंडिया कंपनी बनाने का आरोप</strong><br>विधायक ने कहा वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन विभाग को ईस्ट इंडिया कंपनी बना दिया है। जहां उनकी मनमर्जी चलती है। उनके क्षेत्र में विकास के जितने भी कार्य हो रहे थे, डीएफओ ने जांच के नाम पर सब बंद करा दिए हैं। जल जीवन मिशन तक के काम रुकवा दिए हैं। मंत्री ने भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा के साथ भी फोन पर बदतमीजी से बात की थी।</p>



<p>दोनों डीएफओ ने जनता को परेशान कर रखा है। मैं शिकायत लेकर मंत्री के आवास पर पहुंचा था, लेकिन मंत्री की ओर से मेरे साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया गया। मेरे साथ गाली गलौच तक की गई और धक्के देकर बाहर कर दिया गया। मैं अपने क्षेत्र की जनता को क्या जवाब दूंगा। मैंने मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है। उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।<br><strong>&#8211; दुर्गेश्वर लाल, भाजपा विधायक पुरोला</strong></p>



<p>मैंने किसी के साथ गाली गलौच या धक्कामुक्की नहीं की। विधायक सरासर झूठ बोल रहे हैं। वह मेरे पास डीएफओ हटाने की मांग को लेकर आए थे। भारतीय वन सेवा के अधिकारी को ऐसे ही सिर्फ शिकायत पर नहीं हटा सकते। उनकी बात सुनने के बाद मैंने हॉफ को बुलाया था। उन्हें जांच के लिए कागज भी सौंप दिया था। जिसमें प्रकरण की जांच के लिए सीसीएफ गढ़वाल के लिए लिखा था, लेकिन विधायक ने मेरे सामने ही हॉफ के हाथ से कागज छीनकर फाड़ दिया। ऐसा व्यवहार एक विधायक को शोभा नहीं देता है।<br><strong>&#8211; सुबोध उनियाल, वन मंत्री</strong></p>
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