सीएम धामी – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com Latest News & Information Sun, 14 Jan 2024 07:03:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png सीएम धामी – Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट https://satyakampost.com 32 32 उत्तराखंड : स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट से सीएम धामी नाराज https://satyakampost.com/archives/23863 Sun, 14 Jan 2024 07:03:46 +0000 https://satyakampost.com/?p=23863 स्वच्छता रैकिंग में गिरावट से सीएम धामी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ ही इसके लिए जन सहभागिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने एक साल के अंदर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और कोटद्वार को स्वच्छता रैंकिंग में ऊपर लाने के लिए योजना बनाकर कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्तराखंड के निकायों के फीके प्रदर्शन से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नाराज हैं। उन्होंने शनिवार को बैठक कर निर्देश दिए कि जनसहभागिता से स्वच्छता अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए। सीएम ने दून, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी व कोटद्वार नगर निगमों की स्वच्छता रैंकिंग सुधार को विशेष योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्वच्छता अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए। कहा, स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ ही इसके लिए जन सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एक साल के अंदर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और कोटद्वार को स्वच्छता रैंकिंग में ऊपर लाने के लिए योजना बनाकर कार्य किए जाएं।

उत्तराखंड की स्वच्छता का संदेश देश-दुनिया तक जाए
सीएम धामी ने कहा, जिन राज्यों में स्वच्छता के लिए अच्छे कार्य हुए हैं, उन राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को भी अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखंड की स्वच्छता का संदेश देश-दुनिया तक जाए। कहा, शहरों के सौंदर्यीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जाए।

कहा, जन सहभागिता से ही जन सरोकारों से संबंधित अभियान सफल होते हैं। स्वच्छता अभियान में भी जन सहभागिता और सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग लिया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी एपी अंशुमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

बुक की संस्कृति बनाएं : धामी

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में बुकें नहीं बुक की संस्कृति बनाई जाए। कईं कार्यक्रमों और अतिथियों को भेंट करने के लिए बुकें के स्थान पर बुक भेंट की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर जनपद व ब्लॉक में एक-एक लाइब्रेरी बनाई जाए। लाइब्रेरी में जन सामान्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वालों के लिए उपयोगी पुस्तकों की व्यवस्था की जाए। सीएम ने कहा, सरकारी आयोजनों में खाने की बर्बादी न हो, खाने के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। निजी समारोहों में खाने के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

स्कूलों के खेल मैदान होंगे विकसित

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को नशा मुक्त अभियान से जोड़ने के लिए से स्कूलों में खेल मैदानों को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग से समन्वय कर विकास प्राधिकरण और नगर निकाय कार्य करें, ताकि शैक्षणिक समय के बाद इन खेल मैदानों का खेल प्रेमियों की सुविधा के लिए बेहतर उपयोग हो सके।

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सीएम धामी के नए साल में प्रशासनिक कौशल की परीक्षाएं लेंगे ये 12 मुद्दे https://satyakampost.com/archives/23039 Fri, 29 Dec 2023 09:15:38 +0000 https://satyakampost.com/?p=23039 नए साल में यूसीसी, भू कानून और मूल निवास सरीखे बड़े मुद्दे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रशासनिक कौशल की परीक्षा लेंगे। ऐसे करीब एक दर्जन मुद्दे हैं, जिनके मुख्यमंत्री को समाधान तलाशने होंगे। भू कानून और मूल निवास के मुद्दों ने सूबे की सियासत में हलचल पैदा कर रखी है। इन दोनों मसलों की राह निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है।

1. समान नागरिक संहिताः मुख्यमंत्री धामी एलान कर चुके हैं विशेषज्ञ समिति यूसीसी की रिपोर्ट साल के पहले महीने में ही दे देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को राज्य में समान कानून लागू करने के लिए विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पास करना है। सबकी जुबान पर सवाल तैर रहा है कि सरकार क्या जनवरी महीने में यूसीसी लागू कर देगी?
2.राज्य आंदोलनकारियों के लिए आरक्षणः राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का विधेयक धामी सरकार विधानसभा के पटल पर रख चुकी है। लेकिन संशोधन के लिए विधेयक प्रवर समिति को भेजना पड़ा। प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को दे चुकी है। अब सबकी नजरें विधेयक के सदन पटल पर पेश होने के दिन पर लगी है।

3. लोकायुक्त की नियुक्तिः उत्तराखंड का लोकायुक्त बनाने का उच्च न्यायालय का फरमान है। सरकार ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। त्रिवेंद्र सरकार लोकायुक्त बनाने से बचती रही, लेकिन धामी सरकार पर लोकायुक्त बनाने के लिए बड़ा दबाव है। ऐसे में नए साल में धामी सरकार उत्तराखंड लोकायुक्त बनाएगी या नहीं, इस प्रश्न के जवाब की सबको तलाश है।

4. भू कानूनः राज्य की जमीन को बचाने के लिए सशक्त भू कानून की मांग को लेकर जनांदोलन शुरू हो गया है। सीएम धामी के निर्देश पर ही पूर्व सीएस सुभाष कुमार की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब रिपोर्ट आ गई है तो उसे ठंडे बस्ते में क्यों डाला जा रहा है। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने एसीएस राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है जो रास्ता निकालेगी।
5. मूल निवासः धामी सरकार को भू कानून के साथ मूल निवास प्रमाण पत्र की पहेली भी सुलझानी है। पिछले कई वर्षों से मूल निवासियों को भी स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदेश जारी हो चुका है कि जिनके पास मूल निवास प्रमाण पत्र है, उनके लिए स्थाई निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी। साथ ही मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में व्यवस्था बनाने का दायित्व भी एसीएस की कमेटी को दे दिया है।
6. लोकसभा चुनावः लोकसभा चुनाव भी संगठन के साथ सीएम धामी के भी राजनीतिक कौशल की परीक्षा लेंगे। उन पर पांचों लोकसभा सीटें जीतने का दबाव रहेगा। इसीलिए चुनावी माहौल बनाने, प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार तक सारी जिम्मेदारियों में सीएम सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होंगे।
7. निकाय चुनावः दूसरी परीक्षा निकायों के चुनाव की होगी। दिसंबर महीने में चुनाव हो जाने चाहिए थे, लेकिन ओबीसी सर्वे और मतदाता सूचियों को बनाने के काम में देरी की वजह से चुनाव स्थगित हो गए। नए साल में चुनाव होंगे और इन चुनावों में भी सीएम धामी अहम किरदार में होंगे।
8. कैबिनेट विस्तारः लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले कैबिनेट विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सियासी रणनीति के हिसाब से सीएम धामी के अगले कदम का खासतौर पर भाजपा विधायकों को बेताबी से इंतजार है, क्योंकि मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं।

9. एमओयू की ग्राउंडिंगः अगले पांच साल में उत्तराखंड की जीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य साधने के लिए सरकार निवेश को आकर्षित कर रही है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन तक सरकार 3.54 लाख करोड़ के एमओयू कर चुकी है। अब सरकार के सामने इन सभी एमओयू की ग्राउंडिंग करने की चुनौती है।
10. राष्ट्रीय खेलः 2024 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को मिली। पहली बार इस बड़े आयोजन को सफल बनाने का दबाव धामी सरकार पर होगा।
11. टीबी मुक्त उत्तराखंडः 2024 तक उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य बनाया गया है। धामी सरकार के सामने इस लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती होगी।
12. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट : सरकार ने जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट व पंतनगर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का फैसला किया है। नए साल में सरकार इस संकल्प को पूरा कर पाएगी, इस पर भी सबकी निगाहें धामी सरकार पर होगी।

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