<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
	<atom:link href="https://satyakampost.com/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://satyakampost.com</link>
	<description>Latest News &#38; Information</description>
	<lastBuildDate>Thu, 15 Oct 2026 11:19:52 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.2</generator>

<image>
	<url>https://satyakampost.com/wp-content/uploads/2023/12/Satyakam-Post-icon.png</url>
	<title>Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
	<link>https://satyakampost.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>नीले ड्रम कांड में फांसी की सजा: मुस्कान ने सौरभ से की थी लव मैरिज</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/69704</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 11:19:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://satyakampost.com/?p=69704</guid>

					<description><![CDATA[मेरठ में नीले ड्रम कांड में पति का कत्ल करने के आरोप में दोषी मुस्कान (29) और सौरभ राजपूत (29) एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। शुरुआत में परिवार राजी नहीं थे, लेकिन 2016 में सौरभ ने परिवार के खिलाफ जाकर मुस्कान से प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद वह परिवार से अलग होकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

मेरठ में नीले ड्रम कांड में पति का कत्ल करने के आरोप में दोषी मुस्कान (29) और सौरभ राजपूत (29) एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। शुरुआत में परिवार राजी नहीं थे, लेकिन 2016 में सौरभ ने परिवार के खिलाफ जाकर मुस्कान से प्रेम विवाह कर लिया था।

 

इसके बाद वह परिवार से अलग होकर मोहल्ले में ही किराये का मकान लेकर मुस्कान के साथ रहने लगा था। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी और फिर मॉल में काम करता था। शादी के बाद उसने परतापुर की प्लाईवुड फैक्टरी में नौकरी की।

 

2019 में बेटी पीहू के जन्म के बाद सौरभ लंदन चला गया और वहां बेकरी में काम करने लगा। वह अपनी पत्नी पर अंधा भरोसा करता था। इसी बीच मुस्कान की जिंदगी में पुराने दोस्त साहिल (28) की दोबारा एंट्री हुई और दोनों में संबंध बन गए।

 

ब्रह्मपुरी के विवेकानंद स्कूल में आठवीं क्लास तक साहिल और मुस्कान साथ पढ़े थे। वर्षों पहले दोनों के रास्ते अलग हो गए थे, लेकिन शराब और सूखे नशे की लत ने इन्हें दोबारा मिला दिया।

 

2021 में जब सौरभ को इस संबंध का पता चला तो उसने तलाक के कागज तैयार करवा लिए थे। हालांकि, बेटी पीहू के भविष्य को देखते हुए दोनों में साथ रहने की सहमति बनी। इसके बावजूद मुस्कान ने साहिल से मिलना बंद नहीं किया और दोनों ने मिलकर सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी।

 

<strong>माता-पिता ने किया किनारा
</strong>मुस्कान के माता-पिता ने उससे पूरी तरह नाता तोड़ लिया है। बुधवार को मुस्कान की मां कविता और पिता प्रमोद रस्तोगी जिला जज की कोर्ट पहुंचे। बेहद डरे और सदमे में दिख रहे माता-पिता ने जिला जज के नाम एक प्रार्थना पत्र कोर्ट के मुंशी को सौंपा।

 

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, कोर्ट मुस्कान और साहिल को जो भी सजा देगा, हमें पूरी तरह स्वीकार है। हमारा मुस्कान और साहिल से अब कोई संबंध नहीं है। यह पत्र सौंपने के बाद दोनों कुछ देर एक वकील के चैंबर में बैठे और फिर वहां से अपने घर ब्रह्मपुरी के लिए रवाना हो गए।

 

<strong>मुस्कान ने नहीं खाया खाना
</strong>वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, दोनों की बैरकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। मुस्कान की बैरक में दो महिला बंदी रक्षक और साहिल की बैरक में दो पुरुष बंदी रक्षक तैनात किए गए हैं। जेल के कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए दोनों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।

 

रात करीब 7:00 बजे जब दोनों को रात का भोजन दिया गया तो दोनों ने खाना खाने से मना कर दिया। मुस्कान ने खाने की थाली में से सिर्फ थोड़ा सा खाना अपनी बेटी राधा को खिलाया और बाकी खाना बिना छुए एक तरफ रख दिया।

 

कातिल मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपने फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि प्रजा जब सोती है तब भी कानून जागता है। साहिल और मुस्कान तुमने सौरभ की हत्या की और उसके शव के टुकड़े करके उन्हें छुपा दिया। तुम्हें मृत्युदंड से दंडित किया जाता है। जिला जज के सजा सुनाते ही खचाखच भरे न्यायालय में भारत माता के जयकारे गूंजने लगे।

 

जिला जज ने 30 सितंबर 2026 को 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था।

 

बुधवार की सुबह सजा के बिंदु पर जिला अदालत में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकील के बीच बहस हुई। बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों दोषियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। जेल में भी दोनों का आचरण अच्छा रहा है। इसलिए उन पर रहम किया जाए। बचाव पक्ष ने कोई चश्मदीद गवाह नहीं होने का भी हवाला दिया।

 

वहीं, मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। मुस्कान ने अपनी दोनों छोटी बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से रहम की अपील की। कहा कि मेरी दो छोटी-छोटी बेटियां हैं, फैसला देते समय इनके भविष्य का ध्यान रखा जाए।

 

जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि वारदात किसी उकसावे में आकर अचानक नहीं बल्कि अत्यंत शातिर तरीके से सोच-समझकर साजिश रचकर की गई है। मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या करने के बाद दोनों हाथों की कलाइयां काट दीं और सिर धड़ से काटकर अलग कर दिए।

 

साक्ष्य छिपाने के लिए उसे ड्रम में भरकर सीमेंट से चिन दिया। यह अत्यंत क्रूर और बर्बर श्रेणी का अपराध है। इस वारदात से पूरे प्रदेश और देश में समाज के भीतर गहरा भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा हुआ। पति-पत्नी जैसे पवित्र व विश्वासपूर्ण रिश्ता व पारिवारिक मूल्य तथा सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह हिल गए।

 

नीला ड्रम समाज में खौफ का प्रतीक बन गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने कहा कि दोनों दोषियों को उनकी बैरक में भेज दिया जाए। शाम लगभग 4:15 बजे जिला जज ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुना दी।

 

<strong>सौरभ की मां बोलीं- अपराधियों को सही दंड मिला
</strong>मुस्कान और साहिल को सजा सुनाने के दौरान बुधवार दोपहर सौरभ की मां रेनू देवी, उनके भाई बबलू व अन्य परिजन भी न्यायालय में मौजूद रहे। जिला जज के सजा सुनाते ही रेनू देवी व परिवार की अन्य महिलाओं की आंखों में आंसू छलकने लगे। सौरभ की मां रेनू देवी ने रोते हुए कहा कि मुस्कान और साहिल ने जैसा जघन्य अपराध किया है, उसके लिए उन्हें मृत्युदंड ही मिलना चाहिए था। अगर कानून में इससे भी बड़ी कोई सजा होती, तो वह उसकी मांग करतीं।

 

सौरभ के भाई बबलू ने बताया कि इस हत्याकांड ने पूरे परिवार को भीतर से तोड़ दिया है। पिता मुन्ना लाल आज तक गहरे डिप्रेशन में हैं और मां चैन से सो नहीं पाई हैं। जिला न्यायालय के इस फैसले से उन्हें न्याय मिला है। यदि दोषी इस सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाते हैं, तो दोनों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

 

<strong>नीले ड्रम में शव के टुकड़े चिनकर घूमने चले गए थे
</strong>इंद्रानगर निवासी सौरभ ने ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान से 2016 में प्रेम विवाह किया था। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में थे फिर बाद में लंदन में नौकरी करने लगे थे। मुस्कान मेरठ में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान के अपने पुराने दोस्त साहिल शुक्ला से करीबी संबंध बन गए। 24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी छह साल की बेटी और पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से आए थे।

 

संबंधों में बाधा बनने पर मुस्कान ने नशे की गोलियां देने के बाद प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की तीन मार्च 2025 की रात हत्या कर दी थी। उसके शव के टुकड़े नौले ड्रम में भरकर सीमेंट से चिन दिए और दोनों हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कसौल में घूमने चले गए थे। मुस्कान अपने साथ सौरभ का मोबाइल भी लेकर गई थी। वह यह दर्शाना चाहती थी कि वह सौरभ के साथ घूमने गई थी। दोनों के वहां से लौटने पर 18 मार्च 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। तभी से दोनों जेल में हैं। मुस्कान ने 24 नवंबर 2025 को जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया। बड़ी बेटी पीहू अपने नाना-नानी के पास रहती है। 12 मई 2025 को जांच पूरी कर करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

 

<strong>साक्ष्य छिपाने पर सात साल की सजा, जुर्माना भी
</strong>जिला जज ने दोनों दोषियों को बीएनएस में हत्या की धारा 103 (1) और साझा इरादे के अपराध की धारा 3 (5) में मृत्युदंड व साक्ष्य छिपाने के अपराध बीएनएस की धारा 238 (ए) में सात वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर हत्या में 50-50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने में 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न जमा करने पर पांच और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी : सीएम योगी बोले- महापुरुषों को सम्मान देकर ही देश आगे बढ़ सकता है</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/69701</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 10:47:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://satyakampost.com/?p=69701</guid>

					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रयागराज पहुंचे। वह तेलियरगंज में स्थित प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी ग्राउंड पर मतदाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं। मंच पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद हैं। सीएम बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रयागराज पहुंचे। तेलियरगंज चौराहा के पास बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। तेलियरगंज स्थित रीजनल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रयागराज पहुंचे। वह तेलियरगंज में स्थित प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी ग्राउंड पर मतदाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं। मंच पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद हैं। सीएम बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रयागराज पहुंचे। तेलियरगंज चौराहा के पास बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। तेलियरगंज स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के मैदान पर जनसभा को संबोधित किया।

 

<strong>देश की आजादी के लिए मसुरियादीन ने किया संघर्ष
</strong>सीएम योगी ने कहा कि मसुरियादीन पासी ने देश की आजादी के लिए नौ साल जेल में बिताया। बाहर आकर भी वह जनजागरण के कार्य में लगे रहे। 1945 विधानसभा के सदस्य चुने गए। देश की आजादी के बाद वह 1952 से 1972 तक चार बार देश की संसद में चुनकर भेजे गए। 952 में एक ही सीट पर दो सांसद चुने जाते थे। उस समय जवाहर लाल नेहरू और मसुरियादीन पासी दोनों एक साथ चुनकर गए थे।

 

देश के अंदर काले कानून के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई। मसुरियादीन ने सोनकर और पासी समाज को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। देश के लिए कुर्बानी देने वालों को सम्मान मिलना चाहिए। जिस चौराहे पर प्रतिमा लगी है उस चौराहे का नाम भी मसुरियादीन के नाम पर होगा। प्रयागराज की किसी संस्था का नाम भी मसुरियादीन के नाम पर होगा।

 

<strong>सीएम योगी की सभा में प्रतियोगी छात्रों ने लहराईं तख्तियां
</strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तेलियरगंज में आयोजित जनसभा में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर तख्तियां लहराईं और नारेबाजी की। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि वह पुरानी नियमावली से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एअर इंडिया विमान के झूठे हाईजैक अलर्ट के पीछे ATC सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी थी या पायलट की गलती</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/69697</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 09:20:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://satyakampost.com/?p=69697</guid>

					<description><![CDATA[एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट को बुधवार को जयपुर की ओर मोड़ना पड़ा क्योंकि हाईजैक का गलत डर पैदा हो गया था। अब एविएशन और सिक्योरिटी एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। बोइंग 787-9, जिसमें लगभग 300 लोग सवार थे, भारतीय एयरस्पेस में उस लंबे रास्ते से दाखिल हुआ था जो आजकल पाकिस्तान के आसमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट को बुधवार को जयपुर की ओर मोड़ना पड़ा क्योंकि हाईजैक का गलत डर पैदा हो गया था। अब एविएशन और सिक्योरिटी एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बोइंग 787-9, जिसमें लगभग 300 लोग सवार थे, भारतीय एयरस्पेस में उस लंबे रास्ते से दाखिल हुआ था जो आजकल पाकिस्तान के आसमान के भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद होने की वजह से इस्तेमाल किया जा रहा है। तभी मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को इस विमान से ट्रंसपोर्टर कोड 7500 मिला, जो हाईजैकिंग या गैर-कानूनी दखल के लिए एविएशन कोड है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पायलटों ने कोड भेजने से किया इनकार </strong>एक्सपर्ट लोगों का कहना है कि पायलटों ने कोड भेजने से इनकार किया और ATC को बताया कि सब कुछ ठीक है। लेकिन तय प्रोटोकॉल के अनुसार, विमान को जयपुर की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसे एक दूर के बे पर खड़ा किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विमान में सवार सभी लोगों, सामान की अच्छी तरह जांच की गई। सब कुछ ठीक पाया गया और विमान को उसी क्रू के साथ दिल्ली के लिए उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई, जो इस लंबी यात्रा के इस हिस्से को ऑपरेट कर रहा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई एटीसी को विमान से कोड 7500 मिला </strong>जानकार लोगों ने कगा कि जब मुंबई एटीसी को विमान से कोड 7500 मिला, तो उन्होंने पायलटों से बात की, जिन्होंने बताया कि फ्लाइट के सभी ऑपरेशन सामान्य थे। लेकिन ऐसी परिस्थिति में प्रोटोकॉल का पालन करना होता है, जो किया गया। अब यह देखा जा रहा है कि यह कैसे और क्यों हुआ? क्या एटीसी की तरफ से कोई सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी थी?</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अनजाने में कोड 7500 सेट होने की संभावना बहुत कम </strong>सीनियर B778 पायलटों का कहना है कि विमान में अनजाने में या किसी गलती की वजह से कोड 7500 सेट होने की संभावना खरबों में एक है। क्योंकि हर अंक को हाथ से डालना पड़ता है। ऐसा कोई बटन नहीं है जिसे अनजाने में दबाया जा सके। इसलिए पायलट या विमान की तरफ से ऐसी कोई गलती होने की संभावना बहुत कम है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई ATC ने सॉफ्टवेयर की गलती की संभावना बहुत कम बताया </strong>वहीं, सीनियर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का कहना है कि मुंबई ATC के पास एक नया सिस्टम है और यह सॉफ्टवेयर की गलती का मामला होने की संभावना बहुत कम है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक अधिकारी ने कहा कि जब कोई पायलट 7500 (हाईजैक) कोड का इस्तेमाल करता है, तो रडार स्क्रीन पर उस विमान का डॉट लाल हो जाता है और अलार्म बजने लगते हैं। कोड 7600 इमरजेंसी के लिए और 7700 कम्युनिकेशन फेलियर के लिए होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर SC की दो टूक</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/69694</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 09:07:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://satyakampost.com/?p=69694</guid>

					<description><![CDATA[राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को तय प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका रुख स्पष्ट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को तय प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा है।

 

दरअसल, हाल ही में दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जंतर-मंतर की जगह अब विरोध-प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा) को चिन्हित किया गया है।

 

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी गई है।

 

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#8216;हम केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांग रहे हैं। उन्हें जवाब देने दें। अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो कानून अपना काम करेगा।&#8217;

 

<strong>जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से क्यों हटाया गया?
</strong>केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह की सूची से हटाने का फैसला एक समिति की सिफारिश पर लिया गया था।

 

उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए सबसे चर्चित जगह है। जुलाई महीने में यहां नीट पेपर लीक को लेकर लगातार कई दिनों तक प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद अब वोट चोरी के आरोप को लेकर यहां विपक्ष और सीजेपी प्रदर्शन करने की योजना बना चुके हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मेनोपॉज में शरीर के बदलावों को न समझें मामूली!</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/69691</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 07:09:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://satyakampost.com/?p=69691</guid>

					<description><![CDATA[आमतौर पर माना जाता है कि मेनोपॉज एक बहुत ही धीमी प्रक्रिया है, जिसमें महिलाओं के शरीर को पूरी तरह बदलने में कई साल लग जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक बड़े शोध ने इस पुरानी धारणा को गलत साबित कर दिया है। नई जानकारी के मुताबिक, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

आमतौर पर माना जाता है कि मेनोपॉज एक बहुत ही धीमी प्रक्रिया है, जिसमें महिलाओं के शरीर को पूरी तरह बदलने में कई साल लग जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक बड़े शोध ने इस पुरानी धारणा को गलत साबित कर दिया है। नई जानकारी के मुताबिक, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में धीरे-धीरे नहीं, बल्कि अचानक और बहुत बड़े स्तर पर बदलाव आते हैं।

 

<strong>एक अचानक आने वाला शारीरिक मोड़
</strong>जब महिलाओं को अपने जीवन के आखिरी पीरियड्स आते हैं, तो उनका शरीर किसी धीमी प्रक्रिया से नहीं गुजरता। इसके बजाय, यह एक &#8216;फिजियोलॉजिकल क्लिफ&#8217; यानी शारीरिक बदलाव के एक बहुत बड़े और अचानक आने वाले मोड़ का सामना करता है। इन अचानक होने वाले बदलावों से ठीक पहले सेक्स हार्मोन के स्तर में भी बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव होता है।

 

<strong>10 लाख महिलाओं के डेटा पर हुई बड़ी रिसर्च
</strong>यह खुलासा एक बेहद विस्तृत अध्ययन के बाद हुआ है। वाइजमैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के शोधकर्ताओं ने अमेरिका और इजरायल की 10 लाख से ज्यादा महिलाओं के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने इन महिलाओं के 30 करोड़ से अधिक लैबोरेटरी टेस्ट के नतीजों का विश्लेषण किया। &#8216;नेचर मेडिसिन&#8217; जर्नल में प्रकाशित इस शोध के नतीजों में सेहत और शरीर के कामकाज से जुड़े दर्जनों पैमानों में बड़े और अचानक बदलाव देखे गए।

 

<strong>शरीर के लगभग हर सिस्टम पर असर
</strong>इस रिसर्च के दौरान जांचे गए 90 अलग-अलग तरह के लैबोरेटरी टेस्ट में से 52 में अचानक आए ये बदलाव साफ तौर पर नजर आए। ये बदलाव सिर्फ प्रजनन क्षमता के खत्म होने या सेक्स हार्मोन तक सीमित नहीं थे, बल्कि इससे कहीं ज्यादा थे। इसका सीधा असर शरीर के लगभग हर प्रमुख सिस्टम पर दिखा। इनमें हड्डियों की सेहत, लिवर और किडनी का काम करने का तरीका और कोलेस्ट्रॉल का स्तर मुख्य रूप से शामिल था।

 

<strong>हार्मोन थेरेपी से दिखा कम बदलाव
</strong>इस शोध में एक और अहम बात सामने आई है। डेटा के मुताबिक, जिन महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान हार्मोन थेरेपी दी जा रही थी, उनके शरीर में ये अचानक होने वाले बदलाव काफी कम देखे गए।

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: satyakampost.com @ 2026-10-15 19:23:34 by W3 Total Cache
-->