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	<title>Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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	<description>Latest News &#38; Information</description>
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	<title>Satyakam Post | सत्यकाम पोस्ट</title>
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		<title>चारधाम के साथ अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने बनाया रिकॉर्ड; त्रियुगीनारायण में ढाई गुना बढ़े</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68686</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:34:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी। चारधाम के साथ अन्य ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चारधाम के साथ अन्य ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बन रहा है। इस साल अब तक जागेश्वर व त्रियुगीनारायण में बीते वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं, धारी देवी व पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना श्रद्धालु बढ़े हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या को प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने के साथ केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड मंदिरमाला मिशन के तहत पौराणिक मंदिरों का विकास, बुनियादी सुविधाएं, सड़कों का विस्तार किया जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी। पूर्णागिरि धाम में जून माह तक 20,91,788 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बीते वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 यात्रियों ने दर्शन किए थे। धारी देवी में दर्शनार्थियों की संख्या 5,42,626 रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,83,275 था। त्रियुगीनारायण में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष 3.40 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में भक्तों की संख्या 1.36 लाख थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 15,97,439 सैलानी यहां आ चुके हैं, जबकि बीते वर्ष यह आंकड़ा 13,62,600 था। इसी प्रकार रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर, टिहरी जिले में सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वर्ष जनवरी से जून तक 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड<br></strong>उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम की यात्रा कठिन होने के बावजूद यहां इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्राकाल में दो अगस्त तक 6.55 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। धाम के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व 2025 में 6.44 लाख, 2024 में 5.15 लाख, 2023 में 5.61 लाख, 2022 में 6.21 लाख व 2021 में 33,331 तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आदि कैलाश यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि<br></strong>पिथौरागढ़ जिले के आदि कैलाश धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। दो माह में ही 52,441 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। फिलहाल मानसून के चलते एक जुलाई से यात्रा पर रोक है। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश दर्शनार्थियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से पहले यहां आने वाले यात्रियों की संख्या 2000 से भी कम थी। वर्ष 2023 से भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजन के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के विकास किया जा रहा है। तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।&nbsp;<strong>-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री</strong></p>
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		<title>ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं, विभाग ने प्रस्तावों को दी मंजूरी</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68683</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:29:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं खुलेंगी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए जिला सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं खोली जाएंगी। सहकारिता विभाग ने &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं खुलेंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए जिला सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं खोली जाएंगी। सहकारिता विभाग ने विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इन शाखाओं के संचालन से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सुविधा मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जिला सहकारी बैंकों के विस्तार का निर्णय लिया गया है। विभाग को नई शाखाएं खोलने के कुल 41 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 34 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जबकि सात प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। हरिद्वार जिले के पांच प्रस्तावों को आवश्यक संशोधन के बाद दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इन स्थानों पर खुलेंगी नई बैंक शाखाएं<br></strong>अल्मोड़ा जिले के कुवाली, चमड़खाल और नागचुलाखाल में जिला सहकारी बैंक की नई शाखाएं खोली जाएंगी। देहरादून जिले में छिद्दरवाला, त्यूनी, भाऊवाला, मालदेवता और आईटी पार्क सहस्त्रधारा में शाखाएं खुलेंगी। पौड़ी गढ़वाल में नौठा, पौखाल, सिगड्डी और नैनीताल में ज्योलीकोट, कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी (गैस गोदाम रोड) में शाखाएं खुलेंगी। पिथौरागढ़, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों में भी नई शाखाएं खोली जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रदेश में सहकारी बैंकों की हैं 315 शाखाएं<br></strong>वर्तमान में प्रदेशभर में जिला सहकारी बैंकों की 315 शाखाएं संचालित हैं। नई शाखाओं के शुरू होने से सहकारी बैंकिंग नेटवर्क सशक्त होगा। इससे किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्यमियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि विभागीय स्तर से सभी स्वीकृत प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक को भेज दिए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति प्राप्त होते ही नई शाखाओं का विधिवत संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी कैबिनेट: 74 किमी लंबे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित इन 21 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68680</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:27:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम<br></strong>प्रदेश में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक (वाया बुलंदशहर) बनने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे, 6-लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के आगणन को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस एक्सप्रेसवे को भविष्य की जरूरतों के अनुसार 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रयागराज और चित्रकूट क्षेत्र के समन्वित एवं त्वरित विकास के लिए ‘प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण’ के गठन को हरी झंडी दी गई है। वहीं, प्रदेश के सात प्रमुख स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहित कर उसे बहुउद्देशीय हब विकसित करने हेतु आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक ‘यु-हब स्थापित किए जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सामाजिक कल्याण, योजनाएं और बोर्ड का गठन<br></strong>सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने राज्य के विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ‘उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत संचालित ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इसके मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन एवं नए परिव्यय को स्वीकृति दी गई है। ग्राम्य विकास विभाग की ‘समुदाय परियोजना’ को सुचारू रूप से चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मेसर्स एच.सी.एल. फाउंडेशन के बीच वर्ष 2015 से चले आ रहे समझौते को आगामी 5 वर्षों के लिए पुनः विस्तारित करने का फैसला लिया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कृषि एवं किसान कल्याण हेतु फसल बीमा योजना<br></strong>किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की बेरुखी से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 (खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27) में संपूर्ण प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू किए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शिक्षा, श्रम और प्रशासनिक नियमों में सुधार<br></strong>प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विधायी फैसले लिए गए। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुपालन में ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004’ में प्रथम संशोधन करने की मंजूरी दी गई। श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत ‘उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’ के प्रख्यापन को स्वीकृति मिली, जबकि ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2020’ को केंद्र सरकार से वापस लिए जाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, राज्य संपत्ति विभाग लेखा संवर्ग (अराजपत्रित) सेवा नियमावली और भूतत्त्व एवं खनिकर्म (समूह ‘क’ एवं ‘ख’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को प्रख्यापित किया गया है। आबकारी विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को विधान मंडल में पेश करने तथा यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति-2017 के तहत मेसर्स आइक्यो सॉल्यूशंस प्रा. लि. को व्यावसायिक परिचालन तिथि में ढील देने की स्वीकृति दी गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वित्तीय अनुपूरक अनुदान और सीएजी ऑडिट रिपोर्ट<br></strong>वित्तीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के अनुपूरक अनुदान तथा तत्संबंधी विनियोग विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान की। इसके साथ ही, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा तैयार की गई वर्ष 2026 की विभिन्न लेखापरीक्षा रिपोर्टों—जिसमें राज्य वित्त, मनरेगा, जल जीवन मिशन, सिविल और राजस्व ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं—को राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व माननीय राज्यपाल महोदया की अनुमति प्राप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आजमगढ़ में भीषण हादसा: बिजली के पोल से टकराते ही डीजल टैंकर में विस्फोट</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68677</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:23:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[यूपी के आजमगढ़ जिले में भीषण हादसा हुआ। गोरखपुर से डीजल लेकर जा रहा टैंकर बिजली के पोल से टकराया, जिसके बाद ट्रांसफार्मर भी गिर गया। टैंकर में विस्फोट हो गया, जिससे तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। गोरखपुर से डीजल लेकर बिलरियागंज थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप की ओर जा रहा टैंकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">यूपी के आजमगढ़ जिले में भीषण हादसा हुआ। गोरखपुर से डीजल लेकर जा रहा टैंकर बिजली के पोल से टकराया, जिसके बाद ट्रांसफार्मर भी गिर गया। टैंकर में विस्फोट हो गया, जिससे तीन लोगों की जलकर मौत हो गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गोरखपुर से डीजल लेकर बिलरियागंज थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप की ओर जा रहा टैंकर सोमवार को जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मालटारी-मिर्जापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के पास हादसे का शिकार हो गया। बिजली के पोल पर लगा ट्रांसफार्मर भी गिर गया। इसके तुरंत बाद तेज धमाके के साथ टैंकर में भीषण आग लग गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आग इतनी विकराल थी कि आसपास मौजूद लोग चाहकर भी टैंकर के पास नहीं जा सके। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों ने पूरे टैंकर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को लगाया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक टैंकर पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था। इस भीषण हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मरने वालों में मेहनगर थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव निवासी 26 वर्षीय प्रदीप कुमार भी शामिल है। हादसे के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, दो युवकों की पहचान का प्रयास पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। मृतकों की पहचान और अन्य तथ्यों की पुष्टि के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्रीलंका में धमाल मचाएंगे यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल!</title>
		<link>https://satyakampost.com/archives/68674</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Satyakam Post]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:06:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मिशन श्रीलंका फतह है, लेकिन श्रीलंका को उसके घर में हराना आसान नहीं है। ये टीम अपने घर में काफी मजबूत है जो आमतौर पर क्रिकेट में देखा जाता है कि हर टीम अपने घर में काफी मजबूत होती है। श्रीलंका की पिचें स्पिनरों की मददगार हैं और इसी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मिशन श्रीलंका फतह है, लेकिन श्रीलंका को उसके घर में हराना आसान नहीं है। ये टीम अपने घर में काफी मजबूत है जो आमतौर पर क्रिकेट में देखा जाता है कि हर टीम अपने घर में काफी मजबूत होती है। श्रीलंका की पिचें स्पिनरों की मददगार हैं और इसी के दम पर ये टीम भारत को मात देने की कोशिश करेगी। हालांकि, भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने इससे निपटने की तैयारी की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">श्रीलंका की पिचें स्पिन की मददगार हैं और स्पिन श्रीलंका की टीम की ताकत है। ये उसका ऐसा ब्रह्मास्त्र है जिसके दम पर वह किसी भी टीम को पटक सकती है। हाल के दिनों में देखा गया है कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ ज्यादा सफल नहीं रहे हैं और परेशान दिखे हैं। स्पिन गेंदबाजों को खेलना भारत के लिए चिंता भी बन गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">राहुल और जायसवाल ने की तैयारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल और यशस्वी को मुंबई में सोमवार को नेट्स पर अभ्यास करते हुए देखा गया। किसी भी दौरे पर जाने से पहले बल्लेबाजों का अपनी तैयारी को अंजाम देने काफी आम बात है, लेकिन इन दोनों का ये अभ्यास खास इसलिए क्योंकि दोनों ही बल्लेबाजों का फोकस इस दौरान स्पिन के खिलाफ तैयारी पर दिखा। दोनों स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा खेलते हुए नजर आए जबकि दोनों ओपनर हैं और नई गेंद से तेज गेंदबाजों को खेलते हैं। हालांकि, श्रीलंका की स्थितियों को देखते हुए स्पिनरों का इस्तेमाल जल्दी किया जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दोनों ने बांद्रा में भारत के पूर्व क्रिकेटर जतिन परांजपे की एकेडमी में अभ्यास किया। दोनों बीते कुछ दिनों से यहीं अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं। टीम को श्रीलंका के लिए चार तारीख को रवाना होना है और एक दिन पहले तक ये दोनों ही बल्लेबाज अपनी स्पिन खेलने की क्षमता में सुधार करते हुए नजर आए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">परांजपे ने क्रिकबज से बात करते हुए कहा, &#8220;ये बीते कुछ दिनों से लगातार आ रहे हैं। जायसवाल दो दिन पहले आए थे और राहुल कल आए हैं। आज इन दोनों ने साथ में अभ्यास किया। ये हैरान करने वाली बात नहीं है कि दोनों ने स्पिन के खिलाफ ज्यादा अभ्यास किया क्योंकि श्रीलंका की पिचें स्पिन की मददगार हैं।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">तनुष कोटियान के साथ किया अभ्यास</h3>



<p class="wp-block-paragraph">दोनों ही बल्लेबाजों ने हर तरह की स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी की। इन दोनों को जिन गेंदबाजों ने अभ्यास कराया उनमें तनुष कोटियान शामिल रहे। कोटियान घरेलू क्रिकेट का बड़ा नाम हैं और टीम इंडिया से भी उन्हें बुलावा आ चुका, लेकिन डेब्यू नहीं कर पाए। कोटियान भी श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के साथ बतौर नेट गेंदबाज जाएंगे।</p>
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