
सुखबीर बादल ने तरनतारन की रैली में भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला, उसे ‘निकम्मी’ बताया। उन्होंने 2027 में शिअद सरकार बनने का दावा करते हुए कई बड़े वादे किए। इनमें शगुन स्कीम की राशि बढ़ाकर एक लाख, बुढ़ापा पेंशन 3100 रुपये, लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन और कबड्डी वर्ल्ड कप दोबारा शुरू करना शामिल है। बादल ने पंजाब के विकास के लिए शिअद को मौका देने की अपील की।
पंजाब के तरनतारन में विधानसभा हलका खेमकरण के कस्बा अमरकोट की अनाज मंडी में आयोजित रैली के दौरान सुखबीर बादल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भगवंत मान की सरकार अब तक की सबसे निकम्मी सरकार साबित हुई है। उनका आरोप था कि पहली बार ऐसा हुआ है जब प्रदेश का मुख्यमंत्री राज्य के प्रति उदासीन और आलसी नजर आया है, जिसके चलते पंजाब विकास की दौड़ में पिछड़ रहा है।
रैली का आयोजन विरसा सिंह वल्टोहा की ओर से किया गया था। अपने संबोधन में बादल ने दावा किया कि वर्ष 2027 में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सरकार बनना तय है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही एक सप्ताह के भीतर किसानों को लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
सुखबीर सिंह बादल ने कई बड़े वादे करते हुए कहा कि शगुन स्कीम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि जो परिवार पिछले 50 वर्षों से जमीनों पर काबिज हैं, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा और जमीनों की तकसीम भी निशुल्क करवाई जाएगी।
कबड्डी वर्ल्ड कप दोबारा शुरू करेंगे
बादल ने बुजुर्गों को राहत देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शिअद की सरकार बनते ही बुढ़ापा पेंशन को बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा। इसके अलावा युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए पंजाब में दोबारा वर्ल्ड कप कबड्डी का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिअद हमेशा अपने समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रही है।
वल्टोहा की सरहाना करते दिखे सुखबीर
विरसा सिंह वल्टोहा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानी और पार्टी के प्रति निष्ठा को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सुखबीर बादल ने लोगों से अपील की कि पंजाब को दोबारा विकास की पटरी पर लाने के लिए शिअद को मौका दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि पार्टी को सत्ता मिली तो किसानों, गरीबों और बुजुर्गों के हितों की रक्षा प्राथमिकता होगी।



