हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर: बादल छाए, हल्की बूंदाबांदी और तापमान पर ब्रेक

पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से से सक्रिय हुआ यह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हल्की नमी लेकर आया है। इससे गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं, जिसके चलते पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में हल्की बारिश-बूंदाबांदी के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है।

हरियाणा के विभिन्न जिलों में मौसम ने करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आसमान में बादल छाए हुए हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट आई है, लेकिन यह राहत अल्पकालिक है। 19 फरवरी से तापमान फिर बढ़ना शुरू हो जाएगा।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से से सक्रिय हुआ यह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हल्की नमी लेकर आया है। इससे गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं, जिसके चलते पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में हल्की बारिश-बूंदाबांदी के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। प्रभाव मुख्य रूप से 17-18 फरवरी (मंगलवार-बुधवार) और कुछ हद तक 19 फरवरी तक रहेगा।

प्रमुख जिलों में मौसम का हाल:
हिसार: दिनभर बादल छाए रहे, मौसम शुष्क लेकिन गतिशील। हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां।
सिरसा: कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी दर्ज की गई।
झज्जर: बुधवार सुबह अचानक मौसम बदला, हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं। तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट व अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस।
कुरुक्षेत्र: बुधवार को हल्की बूंदाबांदी रुक-रुक कर जारी। तापमान में 3 डिग्री गिरावट, अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस। बदलाव से गेहूं फसल को फायदा, उत्पादन बढ़ने की उम्मीद।
नारनौल (महेंद्रगढ़): सुबह तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश। गरज-चमक और छिटपुट ओलावृष्टि की आशंका।
अन्य प्रभावित जिले: भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, झज्जर, रोहतक आदि में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ हल्की बूंदाबांदी संभावित। उत्तरी-पूर्वी जिलों में 19 फरवरी तक प्रभाव जारी रह सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भी 17-18 फरवरी को हरियाणा में गरज-चमक, तेज हवाओं और छिटपुट वर्षा की संभावना है, साथ ही 18 फरवरी को कुछ जगहों पर ओलावृष्टि। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है, लेकिन मैदानी इलाकों में बारिश प्रमुख है।फरवरी के दूसरे सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा था, दिन-रात दोनों सामान्य से अधिक थे और मार्च जैसा अहसास हो रहा था। इस विक्षोभ से अस्थायी ब्रेक मिला है, लेकिन वीरवार से पश्चिमी शुष्क हवाओं और तेज धूप के कारण तापमान में दोबारा बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।

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