सीएम मान के स्पष्टीकरण पर जाने क्या बोले जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज

आज मुख्यमंत्री भगवंत मान अपना स्पष्टीकरण देने श्री अकाल तख्त साहिब में पहुंचे। आपको बता दें कि, एक आपत्तजिनक वीडियो और गोलक सहित दूसरे सिख मुद्दों को लेकर दिए बयान को लेकर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने सीएम भगवंत मान को तलब किया था। आज सचिवालय में सीएम मान जत्थेदार के सामने पेश हुए जहां अपना स्पष्टीकरण दिया।

सचिवालय से बाहर आने के बाद अब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री भगवंत मान की पेशी को लेकर जानकारी दी। जत्थेदार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यहां आकर अपना पक्ष रखा और गोलक से जुड़े मामले पर भी अपना स्पष्टीकरण दिया, जिसे अकाल तख्त ने संज्ञान में लिया है। इस पूरे विषय पर आने वाले दिनों में पांचों सिंह साहिबानों की बैठक होगी, जिसमें आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, ये श्री अकाल तख्त साहिब है, जहां सबको झुकना ही होगा।

जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री से संबंधित 2 लैब का विवरण देने को कहा गया है, ताकि तथ्यों की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई बैर नहीं रखता और हर मामले को सिख मर्यादाओं व परंपराओं के अनुरूप देखा जाता है।

प्रेस वार्ता में जत्थेदार ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने सिख सिद्धांतों और मर्यादाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और स्वीकार किया कि कुछ विषयों पर उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए थे। जत्थेदार ने कहा कि पूरी बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें सिख मर्यादा और सिद्धांतों की पूरी जानकारी नहीं थी और भविष्य में वे इन विषयों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि, सीएम भगवंत मान आज 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने नंगे पैर नजरें झुकाकर श्री दरबार साहिब पहुंचे और माथा टेकने के बाद सचिवालय में पेश हुए। आपको बता दें कि इस दौरान सीएम मान अपने साथ 2 काले रंग के बैग साथ लेकर गए थे। वहीं आपको ये भी बता दें कि, सीएम मान के अमृतधारी सिख न होने के चलते उन्हेंने अकाल तख्त की फसील की जगह सचिवालय में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दिया।

328 स्वरूपों को लेकर बंगे वाले मामले में जत्थेदार का बयान भी सामने आया है। कई मामलों में सरकार जल्दबाजी कर जाती है। हमारे बहुत सारे गुरु घर हैं जहां अखंड पाठ की लड़ी चलती है। गुरुद्वारा साहिब में पावन स्वरूप हैं। गांव के हर घर में स्वरूप हैं। कईयों की रसीद नहीं सभाली जाती। रसीद न होने का मतलब अनअधिकारिक स्वरूप नहीं है। जत्थेदार ने कहा कि, 169 स्वरूप बरामद” वाला बयान मर्यादा के खिलाफ है, “लापता” या “बरामद” जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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