
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन पानी, शिक्षा और आबकारी नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार को कई मामलों पर सदन में जवाब देना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन कई अहम मुद्दों के साथ आगे बढ़ेगा। सदन में पेयजल व्यवस्था से लेकर आबकारी नीति तक विभिन्न विषयों पर सरकार को जवाब देना होगा। चौथे दिन सदन में दो ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ लगभग 80 याचिकाएं प्रस्तुत की जाएंगी। मंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, संपतिया उईके, चैतन्य कश्यप, इंदर सिंह परमार और प्रद्युम्न सिंह तोमर विभिन्न विभागों से जुड़े दस्तावेज सदन की पटल पर रखेंगे।
नर्मदा जल योजना की व्यवस्थाओं पर उठेगा सवाल
भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर में घर-घर नर्मदा जल पहुंचाने की योजना के क्रियान्वयन में सामने आ रही अव्यवस्थाओं को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता और समन्वय को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। वे इस संबंध में सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और सुधारात्मक कदमों की जानकारी मांगेंगे।
अनूपपुर कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का मामला
अनूपपुर जिले के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा भी सदन में गूंजेगा। कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से आरोप लगाया है कि पुष्पराजगढ़ में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों से ली गई शुल्क राशि का दुरुपयोग किया गया। इस पर वे उच्च शिक्षा विभाग से जवाब तलब करेंगे और जांच की मांग करेंगे।
आबकारी नीति 2026-27 पर डिप्टी सीएम का वक्तव्य
वाणिज्यिक कर एवं आबकारी विभाग से जुड़े विषयों पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति को लेकर सदन में विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। इस नीति में राजस्व वृद्धि, नियंत्रण व्यवस्था और पारदर्शिता से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा होने की संभावना है।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी
सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का सिलसिला भी जारी रहेगा। विभिन्न दलों के विधायक सरकार की प्राथमिकताओं और घोषणाओं पर अपने विचार रखेंगे।



