मोहिनी एकादशी व्रत से होगा सभी पापों का नाश

एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi 2026) मनाई जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं कि कब मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी।

मोहिनी एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Mohini Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 26 अप्रैल को शाम 06 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, तिथि का समापन 27 अप्रैल को शाम 06 बजकर 15 मिनट पर होगा। ऐसे में 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी।

मोहिनी एकादशी 2026 व्रत पारण का समय (Mohini Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)
द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण करने का समय सुबह 05 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय व्रत का पारण किया जा सकता है। इसके बाद अन्न-धन आदि चीजों का दान करें।

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 17 मिनट से 05 बजकर 01 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 23 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 14 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय- प्रातः 05 बजकर 44 मिनट पर
सूर्यास्त का समय- सायं 06 बजकर 54 मिनट पर
चंद्रोदय का समय- दोपहर 03 बजकर 47 मिनट पर
चंद्रास्त का समय- रात 03 बजकर 32 मिनट पर

मोहिनी एकादशी पूजा सामग्री (Mohini Ekadashi Puja Samagri)
नारियल
चंदन
गंगाजल
आम के पत्ते
कुमकुम
फूल
मिठाई
अक्षत
पंचमेवा
धूप
दीप
फल
लौंग
चौकी
सुपारी
तुलसी दल
पीला कपड़ा
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा

इन बातों का रखें ध्यान
एकादशी के दिन किसी से वाद-विवाद न करें।
किसी के बारे में गलत न सोचें।
काले रंग के कपड़े धारण न करें।
तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
घर में साफ-सफाई का ध्यान रखें।

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