कुदरत का महातांडव: आंधी-वर्षा से बंगाल समेत कई राज्यों में तबाही

कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को बदला मौसम कहर बनकर बरपा। नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज आंधी के साथ हुई वर्षा और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई।

बिजली के खंभे और पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो रेल परिचालन पर भी असर पड़ा। खराब मौसम के कारण कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा। वर्षा जनित हादसों के कारण सिर्फ उत्तर प्रदेश में 20 लोगों की मौत हो गई। बिहार में 14, उत्तराखंड में दो और झारखंड में दो लोगों की मौत की सूचना है।

उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात शुरू हुई आंधी-वर्षा और ओलावृष्टि की चपेट में वैसे तो पूरा प्रदेश रहा, लेकिन सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में दिखा। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल स्थित चौरीचौरा और गौरी बाजार रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन पर चार पेड़ गिर गए।

झांसी लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बंद

इस कारण शुक्रवार को गोरखपुर कैंट से देवरिया के बीच बिजली कट गई, जिससे ट्रेनें जहां थीं, वहीं रुक गईं। उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवर हेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बंद हो गया है।

वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटा के वेग से आंधी चली। प्रयागराज में मई के महीने में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा का 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच चार घंटों में 61 मिलीमीटर बारिश हुई, इससे पहले 18 मई 1971 में 54 मिलीमीटर बारिश का रिकार्ड था।

योगी आदित्यनाथ ने नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि बांटने के निर्देश दिए हैं। बिहार में शुक्रवार को आंधी-पानी और वज्रपात के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक का जलस्तर बढ़ने लगा

शुक्रवार को पटना में 107 व गया में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा मोतिहारी में 116.0 मिमी हुई। उधर, नेपाल में वर्षा से पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक का जलस्तर बढ़ने लगा है। पुजहा घाट के समीप नदी का पानी बढ़ने से पीपा पुल तक जाने वाला संपर्क मार्ग डूबकर क्षतिग्रस्त हो गया है।

कोडरमा रेलखंड पर करीब तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा। खराब मौसम के कारण पटना एयरपोर्ट पर चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 36 उड़ानें घंटों विलंब से संचालित हुईं।

वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के स्वजन को अविलंब चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया है। झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की से मध्यम वर्षा से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

तुंगनाथ-चोपता में वज्रपात, लखनऊ के दो भाइयों की मौत

रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ निवासी दो भाइयों की मौत हो गई। वे तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे थे। हादसे में तीन अन्य घायल हो गए।

प्रतिकूल मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का प्रशासन और राहत एजेंसियों ने रेस्क्यू किया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शुक्रवार शाम 4:17 बजे तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक मौसम प्रतिकूल होने से कई पर्यटक फंस गए।

19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौत

राहत टीम के पहुंचने से पहले ही आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ निवासी 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौत हो गई। उनके भाई 22 वर्षीय अभिषेक वाजपेयी, उन्नाव निवासी 25 वर्षीय शुभम शुक्ला, आजन मिश्रा और नीव मिश्रा घायल मिले।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ ले जाते समय अभिनव के भाई अभिषेक ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, हिमाचल प्रदेश में कही आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि हुई तो कुछ स्थानों पर वर्षा के कारण तापमान गिर गया।

राज्य की ऊंची चोटियों रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा में हल्का हिमपात हुआ। जम्मू संभाग के कई हिस्सों में दोपहर बाद हल्के बादल छाने और हवाएं चलने से गर्मी से राहत रही। अनंतनाग में तेज हवाओं के कारण एक अखरोट के पेड़ के गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई।

…उत्तराखंड में बुझी जंगलों की आग

उत्तराखंड में वर्षा बड़ी राहत लेकर आई और जंगलों में लगी आग बुझ गई। गढ़वाल में आग की 354 घटनाओं में 305.78 हेक्टेयर और कुमाऊं में 83 घटनाओं में 69.29 हेक्टेयर जंगल जले थे। हालांकि, गुरुवार रात और शुक्रवार शाम वर्षा से आग पूरी तरह बुझ गई।

दक्षिण बंगाल में तेज आंधी व बारिश में सात की मौत, कई घायल

दक्षिण बंगाल में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचा दी। देर रात तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

70-88 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं ने महानगर को बुरी तरह प्रभावित किया। पड़ोसी हावड़ा और हुगली जिलों से भी इसी तरह के मौसम की सूचना मिली।

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