चुनावी वर्ष से पहले सत्या शर्मा का आक्रामक बजट, वित्तीय सुधारों पर जोर

एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह चुनावी माहौल की तरह प्रस्तुत किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने न केवल विकास योजनाओं और वित्तीय सुधारों पर जोर दिया, बल्कि सवा दो साल तक एमसीडी में शासन करने वाली आम आदमी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप अपने कार्यकाल में एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं कर पाई और जनता को केवल भ्रमित करने का काम किया।

सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी चुनाव के समय आम आदमी पार्टी ने 10 गारंटियां दी थीं, लेकिन निगम में शासन के दौरान उनमें से किसी एक पर भी अमल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आप के कार्यकाल में न तो निगम की वित्तीय स्थिति सुधरी न ही सफाई, स्वास्थ्य या बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर कोई ठोस काम हुआ। इसके उलट भाजपा सरकार ने अपने 100 दिन के शासन में ही 12 में से तीन वादे पूरे कर दिखाए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता संभालते ही एमसीडी को आर्थिक संकट से उबारने की दिशा में काम शुरू किया। वर्षों बाद निगम ने मुनाफे का बजट प्रस्तुत किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि भाजपा केवल वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती है। सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि एमसीडी का भविष्य विजन और मिशन है।

एमसीडी के अगले चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित हैं। इसके बावजूद बजट भाषण में जिस तरह की घोषणाएं, योजनाएं और राजनीतिक तेवर देखने को मिले, उसने इसे पूरी तरह चुनावी बजट का रूप दे दिया। सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण, पार्किंग, पार्कों का विकास, कर्मचारियों के हित, पार्षदों की सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान समेत हर वर्ग को साधने की कोशिश बजट में साफ नजर आई।

सत्या शर्मा ने दावा किया कि बजट में की गई सभी घोषणाएं केवल कागजी नहीं हैं, बल्कि इन्हें समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। बजट भाषण के दौरान बार-बार आम आदमी पार्टी का नाम लेकर किए गए हमलों से साफ हो गया कि आने वाले एमसीडी चुनाव की राजनीतिक जमीन अभी से तैयार की जा रही है।

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