
किडनी हमारे शरीर में वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर निकालने वाले फिल्टर की तरह काम करती है। इसलिए इसका हेल्दी होना पूरी सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं किडनी डिजीज को साइलेंट किलर कहा जाता है।
इसके पीछे की वजह यह है कि किडनी की बीमारियों अक्सर तब तक पकड़ में नहीं आती, जब तक वे गंभीर रूप न ले लें। लेकिन ऐसा क्यों है? इस बारे में जानने के लिए हमनें डॉ. ऋितेष शर्मा (चेयरमैन, नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट, यथार्थ सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से यह सवाल किया। आइए जानें इस बारे में वे क्या बताते हैं।
डॉ. शर्मा बताते हैं कि किडनी हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाती है। इसका मुख्य काम शरीर से गंदगी और फालतू फ्लूएड को बाहर निकालना है। इसके अलावा, यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, शरीर में फ्लूएड बैलेंस बनाए रखने और इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को रेगुलेट करने में मदद करती है।
बीमारी का पता क्यों नहीं चलता?
किडनी की बीमारी बहुत धीरे-धीरे बढ़ती है। हमारे शरीर की बनावट ऐसी है कि किडनी की काम करने की क्षमता कम होने के बावजूद, शरीर काफी लंबे समय तक सामान्य रूप से काम करता रहता है। यही वजह है कि इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत मुश्किल होता है।
शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
शुरुआती चरणों में इसके लक्षण बहुत मामूली होते हैं,जैसे- थकान महसूस होना, पैरों में हल्की सूजन, पेशाब की आदतों में बदलाव या भूख की कमी। अक्सर लोग इन संकेतों को बढ़ती उम्र, तनाव या खराब जीवनशैली मानकर अनदेखा कर देते हैं। इस लापरवाही के कारण लोग कई सालों तक बिना इलाज के ही इस बीमारी के साथ जीते रहते हैं।
जांच की कमी और दूसरे कारण
किडनी की बीमारी बढ़ने का एक बड़ा कारण नियमित जांच न कराना है। लोग अक्सर डॉक्टर के पास तभी जाते हैं जब उन्हें डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या होती है, जो किडनी खराब होने के मुख्य कारण हैं। नॉर्मल रूटीन चेकअप में किडनी फंक्शन टेस्ट को आमतौर पर शामिल नहीं किया जाता, जिससे शुरुआती पहचान मुश्किल हो जाती है।
बचाव ही सबसे अच्छा समाधान है
किडनी को सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। खासतौर से उन लोगों को डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहना चाहिए जिन्हें किडनी की बीमारी का खतरा ज्यादा है। समय पर पहचान होने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है।
साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट करवा कर और जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल हेल्प लेकर आप गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।



