
संसद के मानसून सत्र के चार दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी तरह ठप रही, क्योंकि नीट पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष सरकार के चर्चा के प्रस्तावों को लगातार खारिज कर रहा है।
जोरदार हंगामे और भारी विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा में गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी कार्यवाही नहीं हो सकी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने स्थिति को शांत करने के लिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और सुप्रिया सुले से बातचीत की, लेकिन यह बातचीत बेनतीजा निकला।
गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी बिरला से मुलाकात की। लेकिन सदन में कार्यवाही पूरी तरह ठप रही।
विपक्षी सांसदों ने निकाला कैंडललाइट मार्च
इस बीच, प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव, रामजीलाल सुमन, सुप्रिया सुले, एनके प्रेमचंद्रन, जॉन ब्रिटास, संदोश कुमार, सुधाकर सिंह, मीसा भारती, अरविंद सावंत, सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा समेत तमाम विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के आवास से गांधी स्मृति तक हाथों में मोबाइल टॉर्च जलाकर ‘कैंडललाइट मार्च’ निकाला और केंद्र सरकार पर हमला बोला।
भारत के छात्र अकेले नहीं हैं…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “हम उन छात्रों को याद करने जाते हैं जिन्हें हमने खो दिया वे बच्चे जो नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए। हम उन छात्रों के साथ खड़े हैं जो आज घायल पड़े हैं- न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने के कारण पीटे गए हैं। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके साथ और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
कांग्रेस के पी चिदंबरम ने कहा, “सभी सड़कें अवरुद्ध कर दी गई हैं और दिल्ली की सड़कों को ‘सुरक्षित’ करने के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सरकार किस बात से डर रही है? यह दहशत क्यों फैली है?”



