पुणे: पशु ले जा रहे गोरक्षकों ने ट्रक ड्राइवर को जबरन खिलाया गोबर

पुणे में 6 मार्च को गौ रक्षकों ने भैंस ले जा रहे ट्रक ड्राइवर मुहम्मद रेहान कुरैशी को रोका, मारपीट की और जबरन गोबर खिलाया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

पुणे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको हैरान कर दिया है। 6 मार्च को मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर भैंसों से लदा एक ट्रक रोककर कुछ लोगों ने ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाय का गोबर खाने पर मजबूर कर दिया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपी खुद को गौ रक्षक बता रहे थे।

ट्रक ड्राइवर मुहम्मद रेहान कुरैशी मुंबई के गोवंडी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वे कराड बाजार से भैंसें लेकर जा रहे थे। रास्ते में पहले दो लोग बाइक पर आए, ट्रक चेक किया और चले गए। शिवापुर टनल पार करने के बाद एक कार से कुछ लोग आए, ट्रक रोका और गालियां देने लगे। उन्होंने ड्राइवर को पीटा और मुंह में गोबर ठूंसने की कोशिश की।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ड्राइवर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की तो पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। पहले तो नॉन-कॉग्निजेबल ऑफेंस दर्ज किया गया। ड्राइवर का कहना है कि पुलिस ने उन्हें पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी केस किया था, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि भैंसें कानूनी तरीके से ट्रांसपोर्ट हो रही थीं, तो वह चार्ज हटा लिया गया।

पुणे शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद ही असली घटना सामने आई। ड्राइवर ने पहले हमले की बात नहीं बताई थी, लेकिन वीडियो देखने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (समूहों के बीच दुश्मनी फैलाना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत FIR दर्ज की गई।

दो आरोपी हिरासत में, तीसरा फरार
अंबेगांव पुलिस ने बताया कि आरोपी अकाश मणिकाम, हेमंत गायकवाड़ और विराज सुले ने ट्रक को रोका था। वे भैंसों के फर्जी दस्तावेज होने का आरोप लगा रहे थे। अब तक अकाश मणिकाम और हेमंत गायकवाड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दोनों को सोमवार को शिवाजीनगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। विराज सुले अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

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