विश्व पटल पर भारतीय कारीगरी की धमक, ईयू प्रमुख उर्सुला के परिधानों में दिखी भारत की सांस्कृतिक झलक

गणतंत्र दिवस पर भारत की मुख्य अतिथि के तौर पर नई दिल्ली में कदम रखने वाली यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन के फैशन की समझ ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। भारतीय फैशन डिजाइनरों की पोशाकों में सजी उर्सुला ने दिल्ली में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए चुने गए उनके शानदार परिधानों से वैश्विक पटल पर भारतीय फैशन की छाप छोड़ी है।

गणतंत्र दिवस पर भारत की मुख्य अतिथि के तौर पर नई दिल्ली में कदम रखने वाली यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन के फैशन की समझ ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं।

भारतीय फैशन डिजाइनरों की पोशाकों में सजी उर्सुला ने दिल्ली में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए चुने गए उनके शानदार परिधानों से वैश्विक पटल पर भारतीय फैशन की छाप छोड़ी है। ईयू प्रमुख के भारत में कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए किए गए फैशन चयन ने भारतीय फैशन डिजाइन परिषद (एफडीसीआइ) का भी ध्यान आकर्षित किया।

मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख उर्सुला ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में एक गहरे लाल और सुनहरे रेशमी ब्रोकेड का बंद गले का जैकेट पहना था। जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बग्गी से उतरीं, तो उनकी पोशाक पर फूलों के जाल वाली जरी की डिजाइन सुनहरी धूप में हल्की चमक बिखेर रही थी।

मंगलवार को जब भारत और ईयू ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, तो उन्होंने यहां के प्रतिष्ठित हैदराबाद हाउस में कढ़ाई वाले एक गहरे नीले टाप के साथ सफेद पैंट पहनी थी।

यूरोपीय संघ के इसी नीले रंग को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी चेक जैकेट थी। उस पर उन्होंने हल्के नीले रंग की शाल डाली थी।

ईयू प्रमुख के फैशन चयन ने भारतीय फैशन डिजाइन परिषद (एफडीसीआइ) ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में इसे “वैश्विक मंच पर भारतीय फैशन के लिए गर्व का क्षण” बताया।

एफडीसीआइ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, “भारत की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन को प्रसिद्ध भारतीय डिजाइनरों राजेश प्रताप सिंह और अनामिका खन्ना के बनाए परिधानों में देखा गया, जो भारतीय डिजाइन और कारीगरी की गहराई, गरिमा और वैश्विक गूंज का जश्न मनाते हैं।”

पोस्ट में इसके अध्यक्ष सुनील सेठी ने इसे गर्व का क्षण बताया और कहा कि लेयेन ने इस यात्रा के लिए भारतीय डिजाइनरों के बनाए परिधानों को पहना। सेठी ने कहा कि उनका उचित चयन भारतीय कारीगरों और बुनकरों की असाधारण प्रतिभा को संज्ञान है, जिनकी कला हमारी विरासत को वैश्विक मंच पर बयां करती है।”

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