नगर निगम Ludhiana में अब नहीं चलेगी ‘बाबूगिरी’, 16 फरवरी से फाइलों पर लगेगा डिजिटल ताला

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई डिजिटल मुहिम के तहत नगर निगम लुधियाना में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की पहल को आगे बढ़ाते हुए अब नगर निगम के तमाम विभागों और शाखाओं में ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

उच्चाधिकारियों की ओर से जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक, आगामी 16 फरवरी से निगम का सारा कामकाज पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा। सभी विभाग प्रमुखों और शाखा प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि इस तारीख के बाद कोई भी फाइल या दस्तावेज फिजिकल यानी मैनुअल तरीके से स्वीकार नहीं किया जाएगा। निगम प्रशासन के इस फैसले का सीधा असर कामकाज की रफ्तार पर पड़ेगा।

आदेशों में साफ कहा गया है कि 16 फरवरी से नगर निगम में आने वाली हर फाइल को ‘ई-ऑफिस’ के जरिए ही पुट-अप करना सुनिश्चित किया जाए। इसका मतलब यह है कि अब अधिकारियों को अपनी मेजों पर फाइलों के अंबार लगाने की इजाजत नहीं होगी और हर फाइल का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस कदम से न केवल फाइलों के गुम होने या उनमें हेर-फेर होने की आशंका खत्म होगी, बल्कि आम जनता के काम भी समय पर पूरे हो सकेंगे।

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