
भाखड़ा, पौंग व रणजीत सागर बांधों के गेट लगातार खुले रहने के कारण पंजाब में बाढ़ का दायरा बढ़ गया है। 10 जिलों के 900 से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। इनमें से 300 से अधिक गांवों में गांवों में 5 से 8 फीट तक पानी भरा हुआ है।
राज्य में अब तक बाढ़ के कारण आठ लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच सेना, बीएसएफ व एनडीआरएफ ने बचाव कार्य और तेज कर दिया है। प्रभावित जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, फिरोजपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन व मानसा शामिल हैं।
छतों पर डटे लोग
बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों ने घरों की छत पर सामान समेत डेरा जमा रखा है। सेना हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें निकाल रही है। अमृतसर के अजनाला में 60 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों को बाहर निकालने से लेकर उन्हें ड्रोन से राशन पहुंचाया जा रहा है। पठानकोट में रावी के पानी से बचने के लिए लोग खुद बांध बनाने में जुटे हैं।
वहीं हिमाचल में लगातार बारिश और शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने से मोहाली में घग्गर नदी उफान पर आ गई है। इससे मोहाली के डेराबस्सी, पटियाला और संगरूर के कई इलाके अलर्ट पर है।