
पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने की इजाजत तो दी है लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने को कहा है। उन्होंने ये साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट में उनकी टीम भारत के साथ मैच नहीं खेलेगी। अब पाकिस्तान के इस फैसले से उन पर आईसीसी बड़ी कार्यवाई कर सकता है।
Pakistan Boycott India T20 World Cup Match: क्रिकेट की दुनिया में इस वक्त एक ऐसा तूफान खड़ा हो गया है जो शायद इस खेल का नक्शा ही बदल सकता है। ये मामला 2026 टी20 वर्ल्ड कप का है, जहां पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी (ICC) अब आमने-सामने हैं। अगर अगले 48 घंटों में बात नहीं बनी, तो पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े संकट में फंस सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 करीब है और इस टूर्नामेंट से पहले एक बार फिर भारत-पाक मैच को लेकर ड्रामा शुरू हो चुका है, जहां मैदान पर उतरने से पहले पाकिस्तान गीदड़ भभकियां दे रहा है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच को खेलने से इनकार कर खलबली मचा दी है, लेकिन क्या वाकई पाकिस्तान इतना बड़ा फैसला लेगा? ये तो अब से 48 घंटे बाद साफ हो ही जाएगा।
IND vs PAK: आखिर विवाद शुरू कहां से हुआ?
दरअसल, बांग्लादेश की टीम इस बार टी20 वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं है और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस पर नाराजगी जताई और बांग्लादेश के समर्थन में एक बड़ा फैसला ले लिया। पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को श्रीलंका जाने की इजाजत तो दे दी, लेकिन एक शर्त लगा दी है कि पाकिस्तान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा।
इसे क्रिकेट की भाषा में ‘सिलेक्टिव पार्टिसिपेशन’ कहा जा रहा है, यानी अपनी मर्जी से कुछ मैच खेलना और कुछ न खेलना। पाकिस्तान का कहना है कि ये सिद्धांतों की लड़ाई है, लेकिन आईसीसी इसे टूर्नामेंट की गरिमा और बिजनेस के लिए बड़ा खतरा मान रही है।
आईसीसी चलाएगा ‘हंटर’
जय शाह की अगुवाई वाली आईसीसी अब उनके खिलाफ कार्यवाई कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान अपना फैसला नहीं बदलता है, तो उस पर ये तीन बड़ी गाज गिर सकती हैं:-
पूर्ण सदस्य का निलंबन (Full Suspension): 1970 के दशक में जैसे साउथ अफ्रीका को बैन किया गया था, वैसे ही पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह बाहर किया जा सकता है।
PSL पर ताला: विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने के लिए एनओसी (NOC) नहीं दी जाएगी। इससे पाकिस्तान की सबसे बड़ी लीग बर्बाद हो सकती है।
करोड़ों का नुकसान: आईसीसी पाकिस्तान को मिलने वाले सालाना रेवेन्यू (लगभग $34.5 मिलियन) पर रोक लगा सकती है, जो पाकिस्तान बोर्ड की रीढ़ की हड्डी है।
ICC के नियम जिसके तहत हो सकती कार्यवाई
कर्मशियल डैमेज नियम
जब भी कोई बड़ा टूर्नामेंट (जैसे वर्ल्ड कप) होता है, तो सभी देश (जैसे भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया) ICC के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं। इसमें लिखा होता है कि हम सब मिलकर इस टूर्नामेंट को सफल बनाएंगे और ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे आर्थिक नुकसान हो। फिर भारत-पाकिस्तान मैच आईसीसी के कुल रेवेन्यू का लगभग 40 से 50 प्रतिशत का हिस्सा कवर करता है। अगर पाकिस्तान जानबूझकर भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता तो इसे गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसके तहत आईसीसी को अधिकार है कि वह पाकिस्तान के रेवेन्यू शेयर को पूरी तरह रोक दे।
आईसीसी संविधान की धारा 2.10
ICC का एक संविधान है। धारा 2.10 ICC को एक ‘सुपर पावर’ देती है। इसके तहत अगर कोई देश- क्रिकेट के खेल को नुकसान पहुंचाता है, ICC के बनाए नियमों को मानने से इनकार करता है और अपने क्रिकेट बोर्ड में सरकार का बहुत ज्यादा दखल होने देता है, तो ICC उसे ‘सस्पेंड’ (निलंबित) कर सकता है। 2019 में जिम्बाब्वे और हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का निलंबन इसका ताजा उदाहरण है।
द्विपक्षीय सीरीज पर प्रतिबंध
ICC उस देश का नाम अपने कैलेंडर (FTP) से हटा देता है। इसका मतलब है कि अब उस देश के साथ मैच खेलना ‘ऑफिशियल’ नहीं माना जाएगा। क्रिकेट की दुनिया में सभी देश ICC के नियमों से बंधे हैं। अगर पाकिस्तान सस्पेंड होता है, तो ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड चाहकर भी पाकिस्तान के साथ कोई सीरीज नहीं खेल सकते। अगर वे ऐसा करते हैं, तो ICC उन देशों पर भी कार्रवाई कर सकता है।



