‘सुनेत्रा पवार की शपथ के पीछे की मास्टरमाइंड BJP’, शिवसेना (उद्धव गुट) ने महाराष्ट्र सरकार पर किया तंज

शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने में बीजेपी नेतृत्व का हाथ था। पार्टी ने मुखपत्र ‘सामना’ में यह दावा किया।

शिवसेना (यूबीटी) ने आज सोमवार, 2 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया है। शिवसेना (यूबीटी) का दावा है कि एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के पीछे बीजेपी नेतृत्व का हाथ था।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया, ‘बीजेपी नेतृत्व और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल NCP के दोनों गुटों का विलय नहीं चाहते हैं।’

सुनेत्रा पवार की शपथ में बीजेपी का हाथसुनेत्रा पवार ने शनिवार, 28 जनवरी को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। सुनेत्रा पवार ने अपने पति और एनसीपी नेता अजित पवार के निधन के ठीक तीन दिन बाद शपथ ली। शपथग्रहण की जल्दबाजी को लेकर लेकर विपक्ष हमलावर है।

‘सामना’ के संपादकीय में बताया गया, महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली, क्योंकि न तो NCP (SP) अध्यक्ष शरद पवार, न ही इसकी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, और न ही पवार परिवार के सदस्यों को इस बारे में पता था।’

संपादकीय में यह भी लिखा गया है, ‘सुनेत्रा पवार ने इस बात का जरा भी संकेत नहीं दिया कि वह उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई जा रही हैं।’

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने दावा किया, ‘इस राजनीति के पीछे BJP नेतृत्व का हाथ है।’ सामना में आगे कहा गया, ‘अजीत पवार की मौत के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि ये मुद्दे सुलझें नहीं।’

सुनेत्रा पवार को बनाया जहाज का कप्तानसंपादकीय में दावा किया गया है कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया क्योंकि ‘पाटिल-पवार” की पार्टी पटेल के पास नहीं जानी चाहिए। सुनेत्रा पवार को जहाज का कप्तान बनाया गया है, लेकिन इसका इंजन और नियंत्रण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है।

संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों फडणवीस की दया पर ही अपना अस्तित्व बनाए रख सकते हैं।

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