वजन घटाने के लिए AI से डाइट प्लान लेना कितना सही, क्या इसके हो सकते हैं कुछ नुकसान?

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन के हर हिस्से में अपनी जगह बना चुका है। चाहे ऑफिस का काम हो या मनोरंजन, एआई हर जगह मौजूद है। इतना तक कि लोग अब अपनी सेहत और वेट लॉस के लिए भी चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं।

लेकिन क्या वजन कम करने के लिए एआई से सलाह लेना फायदेमंद है या इसके भी कुछ नुकसान हो सकते हैं? आइए समझते हैं इस बारे में।

एआई की मदद क्यों ले रहे हैं लोग?
AI टूल्स वजन घटाने की प्रक्रिया को बहुत आसान बना देते हैं। ये आपको तुरंत डाइट प्लान बनाकर दे सकते हैं, आपकी कैलोरी काउंट कर सकते हैं और आपको वर्कआउट के रिमाइंडर भेज सकते हैं। यह 24/7 उपलब्ध एक पर्सनल कोच की तरह लगता है जो आपके एक क्लिक पर हाजिर है, लेकिन, सुविधा के साथ-साथ इसके कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।

इसके नुकसान क्या हो सकते हैं?
हालांकि, एआई बहुत स्मार्ट है, लेकिन यह कोई डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट नहीं है। इसलिए वेट लॉस के लिए डॉक्टर की जगह एआई पर निर्भर होना खतरनाक भी हो सकता है।

अलग-अलग जरूरतें- हर इंसान का मेटाबॉलिज्म, जेनेटिक्स और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है। एआई अक्सर उपलब्ध डेटा के आधार पर एक जनरल सलाह देता है। यह आपके शरीर की उन छोटी-छोटी जरूरतों को नहीं समझ पाता जो एक डायटिशियन या डॉक्टर समझ सकते हैं।
मेडिकल कंडीशन की अनदेखी- अगर आपको थायरॉइड, पीसीओडी, डायबिटीज या कोई अन्य छिपी हुई बीमारी है, तो एआई का दिया गया डाइट प्लान आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। गलत डाइट से शरीर में पोषक तत्वों की कमी या हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है।
क्रैश डाइट और मानसिक तनाव- कई बार एआई तेजी से वजन घटाने के चक्कर में बहुत कम कैलोरी वाली डाइट का सुझाव दे सकता है। इससे न केवल शारीरिक कमजोरी आती है, बल्कि बार-बार कैलोरी ट्रैक करने और मशीन के निर्देशों का पालन करने से व्यक्ति में ईटिंग डिसऑर्डर या मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
डेटा पर सवाल- एआई वही जानकारी देता है जो उसे इंटरनेट पर मौजूद डेटा से मिलती है। इंटरनेट पर वेट लॉस से जुड़ी बहुत सी गलत जानकारी भी मौजूद है। ऐसे में एआई की दी गई सलाह हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं।

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