आगरा में ऑटो चालक को जिंदा जलाने का आरोप, 10 दिन बाद मौत

आगरा के शाहगंज क्षेत्र में 10 दिन पहले जिंदा जलाए गए ऑटो चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई। गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने पृथ्वीनाथ फाटक पर शव रखकर जाम लगाया, पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र के विलासगंज में 10 दिन पहले जिंदा जलाए गए ऑटो चालक की बुधवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप उसकी पूर्व लिव इन पार्टनर और उसके पति सहित अन्य पर है। प्राथमिकी के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर परिजन ने बृहस्पतिवार सुबह पृथ्वीनाथ फाटक पर शव रखकर जाम लगाया। पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए गए। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

शाहगंज स्थित रामस्वरूप कॉलोनी निवासी चांद उर्फ सद्दाम (32) के छोटे भाई साबिर ने बताया कि चांद के संबंध शबनम से थे। शबनम ने दो शादी की थीं। पहले पति की मौत हो गई थी। वह चांद के साथ अपने दो बच्चे को लेकर लिव इन में रह रही थी। मगर घटना से 15 दिन पहले अल्ली से निकाह कर लिया था। वह चांद पर पुराने फोटो और वीडियो डिलीट करने का दबाव बना रही थी।

आरोप लगाया कि 26 फरवरी की रात 10 बजे चांद सवारी छोड़कर आ रहा था। विलासगंज और रामस्वरूप कॉलोनी मार्ग पर उसको शबनम और उसके पति अल्ली समेत चार लोगों ने पकड़ लिया था। पिटाई की और पेट्रोल डालकर जला दिया। जलती हालत में चांद किसी तरह भागा और मोहल्ले में चल रही भागवत कथा के पंडाल में पहुंच गया। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और परिजन को सूचना दी। चांद को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। मामले में पिता अब्दुल सत्तार ने शबनम, अल्ली समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मगर पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। शबनम और उसकी रिश्तेदार नगीना को पकड़ा था लेकिन उन्हें भी छोड़ दिया।

घरों से भागे आरोपी
एसीपी लोहामंडी ने बताया कि वह टीम के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगे हैं। सभी अपने घरों से भाग गए हैं। उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इस आश्वासन पर गुस्साए परिजन मान गए और जाम खत्म किया गया।

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